ज्वाली – शिवू ठाकुर
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हितेंद्र शर्मा ने नूरपुर पुलिस जिला में नशे की स्थिति भयावह है। क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग एक हजार मामले अदालत में लंबित हैं।
ज्वाली में आयोजित मेगा विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने कहा कि पंजाब सीमा से सटे इस इलाके में चिट्टा (हेरोइन) का प्रचलन युवाओं को तेजी से बढ़ रहा है। इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई समय की मांग है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि नशा समाज को भीतर से खोखला कर रहा है। आय के साधन न होने के कारण नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी केवल पुलिस या स्वास्थ्य विभाग की नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
युवाओं और बच्चों को आगाह करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि चिट्टा ऐसा घातक नशा है जो केवल एक बार के सेवन से ही शरीर को अपना गुलाम बना लेता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को पर्याप्त समय दें और उनकी दैनिक गतिविधियों व मित्रों पर पैनी नजर रखें। उन्होंने जोर दिया कि बुरी संगत ही बच्चों को नशे के अंधेरे गर्त में धकेलती है।
उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता के माध्यम से समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय, विधिक सहायता एवं विधिक सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई जा रही है।
ऐसे शिविरों के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी जागरूक किया जा रहा है।
शिविर में सिविल जज शशि कांत ने उपस्थित लोगों को उनके विधिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
एसडीएम नरेंद्र जरियाल ने आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी साझा की। वहीं, डीएसपी बीरी सिंह ने चिट्टा तस्करी, अवैध खनन, साइबर अपराध और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया। शिविर के दौरान स्कूली विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध शानदार भाषण और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर समाज को सशक्त संदेश दिया।

