शिमला – नितिश पठानियां
पिता की मौत के बाद उनकी सारी संपत्ति और जमीन इकलौती बेटी को न मिल जाए, इसी डर से इस बेटी के चचेरे भाई ही इसके दुश्मन बन गए हैं।
यह इस शादीशुदा बेटी को अब प्रताड़ित कर रहे हैं। परेशान होकर इस महिला ने अब महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है।
टुटीकंडी क्रॉसिंग स्थित महिला आयोग के कार्यालय में लगी अदालत में इस मामले पर सुनवाई शुरू हो गई है। यह मामला जिला शिमला का है।
आयोग पहुंची महिला ने अदालत में आरोप लगाया कि उसके अपने चचेरे भाई उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह माता-पिता की इकलौती बेटी हैं।
कुछ समय पहले पिता की मौत हो गई। इसके बाद बुजुर्ग माता का ख्याल रखने और पिता की संपत्ति की देखरेख करने के लिए वह मायके में आ गईं।
कानूनी अधिकारी होने के नाते भी वह अपने मायके में रह रही हैं लेकिन चचेरे भाइयों को डर है कि कहीं उसे इस पैतृक संपत्ति का हक न मिल जाए। इसलिए वह उसे प्रताड़ित करते हैं।
अदालत ने महिला का पूरा पक्ष सुना लेकिन दूसरे पक्ष की ओर से कोई सुनवाई में नहीं पहुंचा। इसीलिए अब दूसरे पक्ष को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
दूसरे पक्ष को भेजेंगे समन: अध्यक्ष
महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने बताया कि आज जिन मामलों की सुनवाई हुई उनमें से कुछ मामले ढाई साल पहले के हैं, ऐसे मामलों में से ही एक मामला ऐसा आया जिसमें एक महिला को पिता की मौत के बाद मिलने वाली संपत्ति की देख रेख नहीं करने दी जा रही और उसे उसके चचेरे भाई प्रताड़ित कर रहे हैं।
हालांकि दूसरे पक्ष की बात सुनकर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। इसलिए मामले से संबंधित दूसरे पक्ष को अगली अदालत में पेश होने के लिए दोबारा समन भेजा जाएगा।
50 मामलों में से 26 मामले लगे, 10 पर हुई सुनवाई
विद्या नेगी की अध्यक्षता में लगी पहली महिला आयोग की अदालत में सोमवार को जिला शिमला के लंबित मामलों की सुनवाई शुरू हुई। पहले दिन अदालत में 26 मामले लगाए गए थे।
इनमें से 10 मामलों से संबंधित लोग ही अदालत में पहुंचे थे। इनकी सुनवाई शुरू कर दी गई है। इनमें से तीन मामलों को सुलझाया गया और बाकियों को दूसरी तारीख के लिए बुलाया गया।
इनमें से दो मामले बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडिपीओ) को भेजे गए और कुछ मामले ऐसे हैं जिनमें पुलिस से जानकरी ली जानी है। वहीं कुछ लोगों को अगली तारीख के लिए बुलाया गया है।
आज फिर लगेगी अदालत 32 मामलों की होगी सुनवाई
राज्य महिला आयोग की अदालत में जिले के 50 लंबित मामलों की सुनवाई होनी है। इनमें से 26 मामले सोमवार की अदालत में लगाए गए और 32 मामले आज की अदालत में लगने हैं।