शिमला, 17 जून – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के खजियार और डलहौजी में हुई दो घटनाओं को लेकर सनसनी पैदा हुई है। घटनाओं को लेकर न केवल हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को दखल देनी पड़ी है, बल्कि पुलिस महानिदेशक को आधिकारिक प्रेस बयान जारी करना पड़ा है।
दरअसल, 9 व 11 जून को पंजाब के पर्यटकों की स्थानीय लोगों से अलग-अलग कारणों को लेकर झड़प हो गई। मामले ने उसे समय तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल होने लगा। इसमें एक एनआरआई पर्यटक ने यह तक कह दिया कि पंजाब की महिला सुरक्षाकर्मी ने हाल ही में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना रनौत का को थप्पड़ मार दिया था। इसके जवाब में हिमाचल में पंजाब से आने वालों पर हमला किया जा रहा है।
दीगर है कि डलहौजी में स्थानीय लोगों द्वारा एक स्पैनिश-पंजाबी दंपत्ति का संज्ञान लेकर पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को अमृतसर में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई थी।
अमृतसर ग्रामीण पुलिस स्टेशन, बाबा बकाला में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और पीड़िता के भाई जोबन जीत सिंह, जो इंग्लैंड में रहते थे और उनके साथ डलहौजी गए थे, की शिकायत के आधार पर इसे चंबा के सुल्तानपुर पुलिस स्टेशन में भेज दिया गया था।
जोबन जीत ने कहा कि वे 10 जून को डलहौजी पहुंचे और 2 बजे खजियार पहुंचे। उन्होंने अपनी कार एक पार्किंग स्थल पर खड़ी की। अगली सुबह लगभग 11 बजे, जब वे अपनी कार पार्किंग स्थल से बाहर निकाल रहे थे, तो पार्किंग ठेकेदार और स्टाफ सदस्यों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ स्टाफ सदस्य द्वारा सांसद कंगना रनौत को थप्पड़ मारने की घटना का जिक्र करते हुए धमकी दी थी।
शुरुआती दृष्टि में भी ऐसा प्रतीत हो रहा था, क्योंकि हिमाचल वासी इस तरीके से बदले की भावना को लेकर नहीं जाने जाते। मामले में तूल पकड़ा तो सरकार के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भी जवाब दे दिया है।
सरकार व पुलिस के मुताबिक समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जिससे हिमाचल वासियों के साथ -साथ पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। सरकार में कहा कि हिमाचल हमेशा पर्यटकों का सत्कार करता है, शांतिपूर्ण राज्य है।
यह है घटना व जांच का ब्यौरा
घटना-1 : पहली घटना “मिनी स्विट्जरलैंड” के नाम से मशहूर खजियार की है। पुलिस महानिदेशक के मुताबिक 9 जून 2024 को चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई परमजीत सिंह, खजियार घूमने आए थे। उन्होंने अपनी गाड़ी टोयोटा फॉरचूनर (CH01-CE 8821) को सड़क के बीच में पार्क कर दिया था, जिससे यातायात बाधित हो गया। खजियार पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें गाड़ी हटाने के लिए कहा, तो वह नाराज हो गए और बहस करने लगे। इस मामले की जांच पुलिस थाना सदर, जिला चंबा द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार और झूठे थे।
घटना-2 : दूसरी घटना पर्यटक स्थल डलहौजी की है। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 11 जून 2024 को NRI दंपत्ति कंवलजीत सिंह, उनकी स्पेनिश पत्नी और भाई जीवन जीत सिंह अमृतसर से खजियार घूमने गए थे। जांच में पता चला कि कंवलजीत सिंह और उनके भाई ने हस्तरेखा शास्त्र के बहाने महिला पर्यटकों और स्थानीय महिलाओं का जबरन हाथ पकड़ा, जिससे मौके पर कहासुनी हो गई। पुलिस मामले में हस्तक्षेप कर NRI दंपत्ति को सुल्तानपुर पुलिस चौकी ले आई, जहां कंवलजीत सिंह और उनके भाई ने पुलिस कार्यवाही से इनकार भी किया। साथ ही मेडिकल जांच के लिए भी मना कर दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डलहौजी के खजियार में एनआरआई दम्पति पर हमले से संबंधित मामले में अमृतसर में दंपत्ति द्वारा जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस को इस मामले में विस्तृत जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि खजियार में गत दिनों एक स्पैनिश-पंजाबी दम्पति पर कुछ लोगों ने हमला किया था। इस मामले में प्रदेश पुलिस, अमृतसर पुलिस स्टेशन से आने वाली जानकारी के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अपनी सादगी और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। हिमाचल में प्रत्येक वर्ष देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक घूमने आते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग अतिथि देवो भवः की भावना से पर्यटकों का आतिथ्य सत्कार करते हैं। यह घटना 11 जून, 2024 को पर्यटन नगरी खजियार की पार्किंग में हुई थी, जहां दो पक्षों के बीच हुई कहा-सुनी ने झगड़े का रूप ले लिया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।
स्थानीय पुलिस द्वारा पर्यटक दम्पति को हर प्रकार से सहयोग प्रदान किया गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर पर्यटकों को प्राथमिक उपचार के लिए चम्बा हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां दम्पति ने चिकित्सा जांच व मामला दर्ज करवाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस की उपस्थिति में दोनों पक्षों द्वारा समझौता किया गया।

