बैग मालिकिन को सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में बुलाकर सीनियर सुपरवाइजर हंसराज ने लौटाया सामान
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल की सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी के अधिकारियों ने मरीज के गुम हुए आठ लाख से अधिक के गहने लौटाए।
हमीरपुर से इलाज करवाने आई एक मरीज बीमारी के इलाज के लिए टांडा अस्पताल में दाखिल हुए थे। आठ जून को मरीज परिवार के लोगों के साथ पार्क में खाना खाने के बाद गहनों से भरा बैग पार्क में ही छोड़ गए।
जैसे ही गहनों से भरे बैग की खबर सिक्योरिटी के सीनियर सुपरवाइजर हंस राज को लगी। उन्होंने तुरंत गहनों से भरे बैग को चैक किया तो देखा कि उसमें चार तोले का मंगलसूत्र, दो तोले की सोने की चेन, ढ़ाई तोले का लॉकेट, डेढ़ तोले की सिंघी, 610 रुपए, एटीएम कार्ड, आधारकार्ड, गैस कॉपी व अन्य सामान निकला।
सीनियर सुपरवाइजर हंस राज ने तुरंत बैग की मालकिन को कांटैक्ट किया और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम से अपनी पहचान प्रूफ करके सामान ले जाने को कहा और अपने सिक्योरिटी ऑफिसर जीवन कुमार को भी सूचित कर दिया।
जैसे ही गहनों की मालकिन परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में बैग को लेने पहुंची, तो सिक्योरिटी सीनियर सुपरवाइजर हंसराज के पूरे परिवार ने गहने लौटाने पर धन्यवाद किया।
यह पहली बार नहीं है जब टांडा की सिक्योरिटी ने सामान लौटाया हो अभी तक कई बार महंगे मोबाइल फोन, सोने के जेवर तथा अन्य सामान सुरक्षित लौटा चुके हैं।
टांडा अस्पताल की सुरक्षा में ढाल की तरह तैनात सिक्योरिटी आफिसर जीवन कुमार, सीनियर सुपरवाइजर हंस राज, सिनियर सुपरवाइजर संतोष कुमार, सीनियर सुपरवाइजर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में करीब 150 से ज्यादा सिक्योरिटी गार्ड बेहतरीन कार्य कर रहे हैं, जिनके सानिध्य में दूरदराज से आए मरीज अपने सामान तथा स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं।

