शाहपुर – नितिश पठानियां
द्रोणाचार्य सनातकोतर महाविद्यालय रैत में “ट्रांसफॉर्मेटिका ” नामक छह दिवसीय अंतरविभागीय कार्यशाला का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के प्रशिक्षण एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दीपांकर शर्मा और विशिष्ट अतिथि डॉ. भावना भारद्वाज थीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर सरस्वती वंदना के साथ देवी सस्वती का आशीर्वाद के साथ शुरुआत हुई। कार्यक्रम को गणमान्य व्यक्तियों के पुष्पवर्षा के साथ आगे बढ़ाया गया।
सम्मानित अतिथि डॉ. भावना भारद्वाज ने सफलता और तनाव पर अपने संवादात्मक सत्र के साथ कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और गौरव बढ़ाया।उन्होंने छात्रों से कहा कि वे खुशियों की तलाश करें जिससे उन्हें जीवन का वास्तविक मूल्य मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को तनाव का शिकार होने से बचाने के लिए उन आधी चीजों को नजरअंदाज करना चाहिए जो छात्रों को परेशान करती हैं।
सहायक प्रोफेसर पूजा ठाकुर ने कार्यशाला पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि डॉ. दीपांकर शर्मा ने भी कुछ देर रुककर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन की शुरुआत गधे और शेर की एक रोचक कहानी से की जिसने विद्यार्थियों के बुद्धि के क्षितिज को विस्तृत कर दिया।
उन्होंने छात्रों को अपने लक्ष्यों को साकार करने और उन्हें प्राप्त करके और उन्हें पूरा करके खुद को बदलने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपना संबोधन डॉ. कलाम को उद्धृत करते हुए समाप्त किया, “जहां दिल में धार्मिकता है, वहां चरित्र में सुंदरता है।”
कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण हुआ, जहां गणमान्य व्यक्तियों ने बीबीए के ट्रांसफॉर्मेटिका किंग्स और बीसीए के इनक्यूबेटर्स को सर्वश्रेष्ठ ग्रुप परफॉर्मर पुरस्कार से सम्मानित किया। बीबीए के कार्तिक ठाकुर और बीसीए के तरूण शर्मा “मास्टर चैम्प” का खिताब जीतने में कामयाब रहे।
कार्यक्रम अंततः बीबीए तृतीय सेमेस्टर के आकाश द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समाप्त हुआ। वहीं कॉलेज प्रबंधन द्वारा ठंडे पानी की छवील भी लगाई गई।