एफ़पीओ धर्मपुर ने कोदरे के लड्डूओ बाद लसुड़ों का आचार किया तैयार, सिद्धपुर पँचायत के सकोह में स्थापित हुआ लीला मेमोरियल एग्रो प्रोसेसिंग सेंटर,महिलाएं कर रही हैं संचालन
सरकाघाट अजय सूर्या
कोदरे के लड्डुओं से देश भर में नाम कमाने वाले महिला एफ़पीओ समूह सकोह-सिद्धपुर ने अब मौसमी फलों का आचार बनाने में भी पहल की है और आजकल लसुड़ों का आचार बनाकर बिक्री हेतु तैयार किया है।
एफ़पीओ के अध्य्क्ष सतपाल सिंह चौहान सचिव भूपेंद्र सिंह और उत्पादन केंद्र की प्रभारी रजनी सकलानी ने बताया कि अब एफ़पीओ में यहां पर बनने वाले सभी प्रकार की खाद्य सामग्री जिसमें लड्डू और आचार इत्यादि प्रमुख है।
इसे इस ग्रुप की एक सक्रिय सदस्य दिवगंत लीला देवी मेमोरियल एग्रो उत्पादन केंद्र के नाम से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आवेदन कर दिया है जो किसान उत्पादक संघ-एफ़पीओ द्वारा संचालित किया जायेगा।
रजनी सकलानी ने बताया कि उन्होंने पिछले दिनों एलोवेरा की एक किस्म जिसे यहां द्वावारेढे कहा जाता है उसका भी आचार डाला था और उसके बाद लहसुन और अब लसुड़ों का आचार डाला है जिसे पहाड़ी रत्न ब्रांड नाम से बिक्री किया जा रहा है।
उन्होंने ब्लाक के अन्य क्षेत्रों के महिला समूहों से अपील की है कि यदि उनके गांव में लसुड़ों के पेड़ हों तो वे उन्हें उतार कर एफ़पीओ को बिक्री कर सकते हैं और ये उत्पादक समूह उसका भी आचार डालेगा और बिक्री करेगा।
उन्होंने बताया कि अब बरसात में वे बांस के मानुओं का भी आचार डालेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी बिक्री एफ़पीओ के माध्य्म से की जायेगी जिसे एफ़पीओ के स्थानीय बिक्री केंद्रों टिहरा, संधोल, धर्मपुर, बरोटी, मण्डप,सजाओपीपलू औऱ सधोट के अलावा सरकाघाट, मंडी और अन्य स्थानों पर उपलब्ध करवा दिया जायेगा।
एफ़पीओ अध्यक्ष सत्तपाल सिंह के बोल
उधर एफ़पीओ के अध्यक्ष सत्तपाल सिंह ने बताया कि इस एफ़पीओ का मक़सद स्थानीय सीज़नल फ़लों की प्रोसेसिंग करके महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारना और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
सचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वे 10 जून को धर्मपुर खण्ड के 25 महिला समूहों की एक कार्यशाला नाबार्ड के सहयोग से धर्मपुर में आयोजित करने जा रहे हैं।
जिन्हें अलग अलग प्रकार के उत्पाद तैयार करने के बारे ट्रेंनिग दी जाएगी और उनकी अलग से फेडेरेशन बनाई जाएगी।जिसके माध्यम से उन्हें कई प्रकार के उत्पाद बनाने की ट्रेंनिग इस साल में दी जायेगी।
उन्होंने बताया कि वे बरसात में आम आधारित उत्पादों के बारे में भी जल्दी इन महिला समूहों को ट्रेंनिग देंगे तथा मशरूम उत्पादन केंद्र ख़ौदा के माध्यम से उत्पादन व उसकी बिक्री बारे में भी प्रशिक्षण दिया जायेगा। जिसकी रूपरेखा 10 जून को तैयार की जाएगी। जिसमें फूड प्रोसेसिंग विशेषज्ञ डॉक्टर हरदयाल सिंह गुलेरिया भी भाग लेंगे।

