सोलन, 21 मई – रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह की टीम बैकवर्ड लिंकेज में नशा तस्करी की जड़ तक पहुंचने की महारथी बन गई है। एक किलो चरस की बरामदगी की कड़ियां जोड़कर दूसरे जिला में घुसने के बाद 36 किलो हाई क्वालिटी चरस को बरामद करने पर सुर्खियां बटोर ली थी।
दिलचस्प ये है कि खाकी इसके बाद भी चुप नहीं बैठी हुई थी। गिरोह द्वारा चरस को कुल्लू के आनी से सोलन जनपद से ट्रांजिट करते हुए दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, गोवा व हरियाणा के कस्बों में भेजा जाता था। ताजा घटनाक्रम में देश की राजधानी से नेटवर्क के मास्टरमाइंड मिंटू उर्फ बिट्टू पुत्र परमानंद निवासी कमांद (आनी) को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में ये तीसरी गिरफ्तारी है।
बता दें कि मिंटू दूसरे आरोपी झाबे राम का सगा भाई है, जिसे 36 किलो की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया था। जानकारी ये भी सामने आई है कि मास्टर माइंड मिंटू के खाते में महज एक साल के भीतर ही 70 लाख रुपए से ज्यादा की लेनदेन की ट्रांजेक्शन हुई है। साफ जाहिर हो रहा है कि ये काली कमाई है।
9 मई को सुबाथू-धर्मपुर मार्ग पर हरजीत सिंह को एक किलो की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया था। बैकवर्ड लिंकेज में खाकी ने आनी में दबिश देकर 36 किलो चरस को बरामद कर लिया। जांच में ये सामने आया था कि अर्की में परचून की दुकान चलाने वाला सरगना का सगा भाई बीच की कड़ी था। हरजीत को डील सैटल करने के मकसद से एक किलो की खेप को बतौर सैंपल भेजा गया था।
जांच में ये खुलासा हुआ है कि परचून की दुकान चलाने वाला करीब 15 साल से नशा तस्करी में संलिप्त था। 2012 में सीआईडी के शिमला व मंडी थानों में एनडीपीएस के मामले दर्ज हुए थे। 2021 में हरियाणा के झज्जर में अढ़ाई किलो चरस की तस्करी का मामला दर्ज हुआ था। वो 28 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुआ था। मुकदमे में ट्रायल चल रहे हैं।
एसपी गौरव सिंह के बोल
एसपी गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों ही आरोपियों के खिलाफ पहले ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। सगे भाईयों को पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही हैै। बैंक खातों में लाखों रुपए के लेनदेन की ट्रांजेक्शन पाई गई है।

