नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए 4 मई को आयोजित होगा सम्मेलन
मंडी – अजय सूर्या
हिमाचल ज्ञान विज्ञान और मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति द्वारा आज एसडीएम सरकाघाट के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश को लोकसभा चुनावों में नशे के प्रयोग की रोकथाम के लिए मांगपत्र भेजा। जिसका नेतृत्व ज्ञान विज्ञान समिति राज्य कमेटी सदस्य भूपेंद्र सिंह खण्ड अध्यक्षा सुनीता पटियाल सचिव रोशनी देवी, ऋत्विक ठाकुर, रीना कुमारी और दिनेश कुमार ने किया।
आज भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि आमतौर पर चुनावों में वोट लेने के लिए विभिन्न पार्टियां और उमीदवार नशे को प्रलोभन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और जिसके कारण नशे का प्रचलन समाज में बढ़ता जा रहा है और विशेषकर युवा पीढ़ी इसकी गिरफ़्त में ज़्यादा आ रही है।
यही नहीं पिछले कुछ सालों से जो नशा पहले शराब के रूप में होता था वो अब सिन्थेटिक नशे और चिट्टे के रूप में युवाओं को परोसा जा रहा है और ये नशा गांव गांव में पहुंच गया है। नशे के कारण पिछले कुछ समय से दर्जनों मौतें हो चुकी है और स्थिति दिन प्रतिदिन भयाभह होती जा रही है। जिसके चलते चुनाव आयोग, सरकार और समाज को एकजुट होकर इसके लिएज़ एकजुट होकर अभियान चलाना होगा।
चुनाव आयोग से मांग की गई है कि इन चुनावों के दौरान नशीली औऱ अवैध दवाओं, सिन्थेटिक ड्रग्स और शराब वितरण और ख़पत का पता लगाने और उसे रोकने के लिए प्रवर्तन तंत्र को मजबूत किया जाए। इसके अलावा दबाब, रिश्वतखोरी और प्रकार की चुनावी धोखधड़ी रोकने के लिए चुनाव केंद्रों पर सतर्कता और निगरानी बढ़ाई जाए।
चुनावों के दौरान अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कानूनी एजेंसियों, नागरिक समाजिक संस्थाओं और लाभार्थियों व हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। इसके अलावा चुनावी अचार सहिंता की उलंघन्ना और नशा परोसने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाई की जाए।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि समिति नशा मुक्त समाज बनाने और युवा पीढ़ी को इससे बचाने के लिए अभियान भी छेड़ेगी जिसके तहत आगामी 4 मई को धर्मपुर और गोपालपुर खण्डों का क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया जायेगा और उसके बाद इसकी रोकथाम के लिए गांव गांव तथा शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और सर्वेक्षण भी किया जायेगा।

