कैहरियां में पुलिया व निकासी नाली निर्माण में बरता जा रहा खड्ड का मिट्टीयुक्त बजरी-रेता
ज्वाली – अनिल छांगु
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली मे ठेकेदार नियमों को ताक पर रखकर सरकारी कार्यों को कर रहे हैं लेकिन विभागीय अधिकारी-कर्मचारी आंखें मूंद कर बैठे हैं। इन ठेकेदारों को पूछने की कोई भी अधिकारी-कर्मचारी जहमत नहीं उठाता है। ऐसा ही मामला कैहरियां शिव मंदिर के नजदीक देखने को मिला।
कैहरियां में पुलिया व निकासी नाली बनाने का कार्य चला हुआ है। जिसमें सरेआम ठेकेदार द्वारा खड्ड का मटमैला रेता व बजरी प्रयोग किया जा रहा है। यह कार्य विभागीय कार्यालय से मात्र 150 मीटर की दूरी पर मुख्य मार्ग के किनारे लगा हुआ है।
सरेआम काम पर खड्ड का मिट्टीयुक्त रेता-बजरी पड़ा हुआ है, जिसको किसी ने भी नहीं देखा। इस मार्ग से रोजाना एसडीएम ज्वाली, विभागीय अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता व जेई गुजरते हैं। हद तो तब हो गई जब मीडिया ने इस कार्य का निरीक्षण किया तो विभागीय कर्मचारी मौका पर था परन्तु उसके द्वारा खड्ड का मटमैला रेता-बजरी डालने पर भी ठेकेदार को मना नहीं किया गया।
ऐसा किए जाने से सरेआम सरकारी खजाने को चूना लग रहा है तथा ऐसी गुणवत्ता वाले कार्य भी एक बारिश की मार भी नहीं झेल पाते हैं। इसकी सूचना फोन से जेई रोहित को की गई थी लेकिन जेई ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि कहीं न कहीं ठेकेदार के साथ विभाग की भी मिलीभगत होने की आशंका है क्योंकि ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है। बुद्धिजीवियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु, लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मांग की है कि इस कार्य की गुणवत्ता को जांचा जाए तथा इसमें संलिप्त ठेकेदार सहित विभागीय कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जेई रोहित के बोल
इस बारे में संबंधित जेई रोहित कुमार से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार को खड्ड का रेता-बजरी डालने के लिए मना किया गया था लेकिन अगर ठेकेदार ने मनाही के बाद ऐसा किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

