नियांगल का परिवार धराशायी मकान में रहने को मजबूर, नहीं ले रहा कोई सुध

--Advertisement--

नियांगल का परिवार धराशायी मकान में रहने को मजबूर, नहीं ले रहा कोई सुध।

ज्वाली – अनिल छांगू 

केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा गरीबों के हित में योजनाएं तो चलाई जाती हैं लेकिन धरातल तक पहुंचते-पहुंचते यह योजनाएं हांफ जाती हैं।

गरीबों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है तथा गरीब योजना की आस में ही जिंदगी गुजार देता है। विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन पंचायत नियांगल में ऐसा ही मामला देखने को मिला है।

पंचायत नियांगल के वार्ड 4 के जयपाल सिंह बीपीएल में होने के बावजूद भी प्रधानमंत्री आवास योजना को तरस रहा है। जयपाल सिंह को पुश्तैनी मकान का एक कच्चा कमरा हिस्सा में आया था जिसमें वह अपने परिवार सहित रहता है।

कमरे का एक हिस्सा गिर चुका है तथा एक टीन के शेड के नीचे रसोईघर बनाया है। जयपाल सिंह दिहाड़ी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। एक कच्चे में अपनी पत्नी व बच्चे के साथ रहते हैं।

जयपाल सिंह की पत्नी सत्या देवी ने बताया कि जिस कमरे में रहते थे उसका एक हिस्सा गिर गया था। मौके पर पटवारी व पंचायत भी आई थी लेकिन कोई राहत नहीं मिली।

उन्होंने बताया कि बरसात होने पर तो खतरा बढ़ जाता है तथा बाहर तिरपाल के नीचे ही रात गुजारनी पड़ती है। दिन भी पेड़ों की छाया में जहां-वहां बैठकर गुजारना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भी मकान के लिए नाम डलवाया है लेकिन आजतक मकान का पैसा नहीं आया।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु, जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द आर्थिक सहायता की जाए तथा मकान के लिए बजट दिया जाए ताकि परिवार के साथ बिना डर के रह सकें।

पंचायत प्रधान के बोल

इस बारे में पंचायत प्रधान कैप्टन चुन्नी लाल ने कहा कि सत्या देवी का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही पैसा आएगा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मकान बनाकर दे दिया जाएगा।

जिलाधीश कांगड़ा के बोल

इस बारे में जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल ने कहा कि इसके बारे में एसडीएम जवाली को लिखा जाएगा तथा रिपोर्ट ली जाएगी।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

लोक गायक इंद्रजीत की एक पहल ने बदला ट्रेंड, मोनाल की जगह कृत्रिम ‘कलगी’ बनी लोगों की पहली पसंद

हिमखबर डेस्क ‘हिमाचली टोपी’ जिसे पहाड़ी टोपी भी कहा जाता है,...

स्कूल के समीप रंगड़ों ने मां समेत दो बच्चों पर किया हमला, अस्पताल में भर्ती

हिमखबर डेस्क जनपद के जोगिंद्रनगर उपमंडल के द्राहल क्षेत्र में...