पैरामिलिट्री कल्याण संगठन कांगड़ा ने की पुलवामा शहीद तिलक राज के परिजनों से मुलाकात 

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ज्वाली – अनिल छांगू 

अखिल भारतीय पूर्व अर्धसैनिक बल कल्याण एवं समन्वय के चेयरमैन वी के शर्मा (एक्स डी आई जी) एवं प्रदेश मुख्य पेट्रोन / जिला अध्यक्ष एम एल ठाकुर की अध्यक्षता में संगठन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के दौरान प्रदेश के सभी अध्यक्षों को शहीद परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आ रही परेशानियों की जानकारी लेने के लिए निर्णय लिया ।

12 मार्च को 2023 को प्रदेश अध्यक्ष एम एल ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता मनवीर चन्द कटोच, केवल किशोर, उत्तम सिंह टीम के साथ सुबह 11 बजे कांगड़ा जिले की ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के गांव धेवा जन्दरोह पहुंचे ओर शहीद तिलक राज के परिजनों को सम्मानित किया और ,पंचायत सदस्यों एवं गांववासियों से मुलाकात की।

14 फरवरी 2019 का दिन वो काला दिन था जिस दिन देश ने सीआरपीएफ के 40 जांबाजों को पुलवामा आतंकवादियों के कायराना हमले में खो दिया था ओर कई गंभीर रूप से घायल हुए थे ।

देश का कोई भी नागरिक इस दिन को कभी भुला नहीं सकता। इसी हमले में देश के 40 वीरों में वीर भूमि एवं देव भूमि हिमाचल ने भी अपने जांबाज शहीद तिलक राज को खोया था।

शहीद तिलक राज वीर जवान के साथ एक लोक गायक भी थे जो खुद गाने लिख कर रिकार्ड करवा कर रिलीज करवाते थे। उन्होंने कांगड़ा की संस्कृति पर उन्होंने कई पहाड़ी गाने गाए हैं उनका आखिरी गाना *मेरा सिद्धू बडा शराबी* था ।

उसके दोस्तों ने बताया की शहीद तिलक राज एक बेहतरीन खिलाड़ी भी थे उन्होंने कबड्डी में राज्य स्तरीय की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।

जव भी वह छुट्टी आते थे गांव में दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन करते थे।

परिवार जनों से मुलाकात के साथ टीम ने शहीद तिलक राज की प्रतिमा पर पुष्प चक्र, हार,ओर पुष्प अर्पित कर नमन किया ।

उन्होंने कहा मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जांबाजों की कुर्बानियों को कभी नहीं भुलाया जा सकता ओर उनके परिवारों के हम हमेशा ऋणी रहेंगे।ओर परिवार को सांत्वना दी की प्रदेश का हर नागरिक, पैरामिलिट्री परिवार के सदस्य , शासन एवं प्रशासन हमेशा उनके साथ है।

शहीद की पत्नी सावित्री देवी ने कहा उन्हें अपने बहादुर पति पर गर्व है। सरकार ने उन्हें सरकारी नौकरी दी है ओर धेवा स्कूल का नाम शहीद तिलक राज के नाम पर रख दिया है।

उन्होंने कहा शहीदी गेट ओर श्मशान घाट जाने के रास्ते का काम शुरू नहीं हो जिसका गांव प्रधान ने बताया की हमने इस के लिए पत्राचार किया है । हमने देखा की स्कुल में शहीद का नाम एक टीन की चादर में लिखा है जो शहादत के नाम पर अच्छा नहीं लगा।

ग्राम प्रधान ने बताया कि हर साल 14 फरवरी को पुलवामा शहीद दिवस मनाया जाता है ओर शहीद तिलक की याद में खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

शहीद की पत्नी ने कहा की उसने प्रतिमा के लिए खूद से पुरा खर्चा किया, जो उसका बहुत ही सराहनीय कार्य की प्रशंसा के योग्य है। शहीद के पिता जी लायक राम, माता बिमला देवी से मुलाकात की ओर टीम ने शहीद के परिजनों को ओर ग्राम प्रधान को शाल, पहाड़ी टोपी देकर सम्मानित किया।

उन्होंने बताया की टीम रिपोर्ट जल्द प्रदेश अध्यक्ष के संज्ञान में दे कर प्रदेश सरकार के समक्ष रखी जाएगी। समारोह में शहीद के नाम गेट बनने को प्रशासन एवं सरकार के पास अनेकों बार उठाया लेकिन आजतक शहीद के नाम पर गेट नहीं बन पाने पर गांव वासियों ने अपने योगदान से शहीद के नाम गेट बनाने की ठान ली है ।

इसी कड़ी में पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ राम राणा ने 11000 रुपया शहीद गेट केलिए आपनी तरफ में दिए ओर जिला अध्यक्ष एम एल ठाकुर ने संगठन की तरफ से 11000 रु देने की देने की घोषणा की।

ये रहे उपस्थित 

बैठक में गांव के माननीय ओंकार सिंह, गाम प्रधान सरोज कुमारी, कृपाल सिंह, सुभाष चंद, पवन सिंह इत्यादि गांव के बहुत से प्रमुख लोगों ने भाग लिया।

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