
विधायक चंद्रशेखर की गाड़ी को आगे (पास) न निकलने देने, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हटाने के दौरान प्रशासन का साथ नहीं देने समेत कई अन्य आरोपों पर थाना प्रभारी धर्मपुर विकास शर्मा के अलावा दो पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया गया है।
मंडी – अजय सूर्या
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में थाना प्रभारी धर्मपुर विकास शर्मा के अलावा दो पुलिस कर्मचारियों को शनिवार को लाइन हाजिर किया गया है।
इन पर विधायक चंद्रशेखर की गाड़ी को आगे (पास) न निकलने देने, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हटाने के दौरान प्रशासन का साथ नहीं देने समेत कई अन्य आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार जब विधायक अपने घर की ओर जा रहे थे, तो रास्ते में उनसे आगे पुलिस की गाड़ी जा रही थी। पुलिस की गाड़ी में एसएचओ विकास शर्मा भी थे।
विधायक की गाड़ी के चालक ने आगे निकलने के लिए हॉर्न बजाया, लेकिन उन्होंने उसे अनसुना कर दिया और विधायक की गाड़ी को आगे निकलने के लिए जगह नहीं दी। इसके चलते एसएचओ समेत दो पुलिस कर्मियों पर यह कार्रवाई हुई है।
वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से भेजी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि थाना प्रभारी को सूचित किया था कि धर्मपुर में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को हटाना है।
इसके लिए पुलिस की सहायता की जरूरत है। यहां पुलिस आई, लेकिन जब प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों के साथ कब्जाधारियों ने बदसलूकी की तो पुलिस मूकदर्शक बनी रही। तीसरा कारण विभागीय रिपोर्ट भी बताई जा रही है।
डीएसपी सरकाघाट के बोल
इस बारे में डीएसपी सरकाघाट कुलदीप कुमार ने बताया कि रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक मंडी को भेज दी है, वही इस बारे में बता सकती हैं।
मंडी पुलिस अधीक्षक के बोल
जब इस बारे में पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि एसएचओ और अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ उनके पास रिपोर्ट आई है, इसलिए उन्हें लाइन हाजिर किया गया है।
