
मंदिर को जाने वाला रास्ता आज तक नहीं हुआ पक्का, सरकार-राजनेताओं की अनदेखी का झेल रहा दंश
कोटला – स्वयम
प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों के लोगों की आस्था का केंद्र ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध माता बगलामुखी मंदिर कोटला सरकारों-राजनेताओं व प्रशासन की अनदेखी का दंश झेल रहा है।
ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध माता बगलामुखी मंदिर कोटला में हर वर्ष मन्नत मांगने के लिए हजारों श्रद्धालु आते हैं तथा राजनेताओं का भी मंदिर में मन्नत मांगने सहित हवन-यज्ञ करवाने के लिए आना-जाना लगा रहता है, लेकिन आजतक मंदिर को जाने वाला रास्ता पक्का नहीं हो पाया है।
खड्ड के साथ-साथ करीब 50-60 मीटर दूरी का डंगा लगाकर मार्ग बनना था, लेकिन आजतक यह मार्ग नहीं बन पाया है।करीब दस साल पहले ठेकेदार को इस रास्ता निर्माण का कार्य सौंपा गया था, लेकिन ठेकेदार ने इसका अधूरा ही कार्य किया, जो कि अब गिर चुका है तथा रास्ता न होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व मंत्री चंद्र कुमार, मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती, भाजपा कार्यकाल में मुख्यमंत्री शांता कुमार, मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित पूर्व मंत्री विक्रम जरियाल, पूर्व मंत्री डा. हरबंस राणा व पूर्व विधायक अर्जुन सिंह को अवगत करवाया गया, लेकिन आजतक रास्ता नहीं बन पाया।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि सरकार कांग्रेस की हो या भाजपा की हो तथा सरकार में मुख्यमंत्री जो भी हो वो कोटला में आते हैं लेकिन उनको अवगत करवाने के बाद भी रास्ते की समस्या हल नहीं हो पाई है। माता बगलामुखी मंदिर को जोडऩे वाले मार्ग का निर्माण करवाया जाए, ताकि मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सके।
बजट मिलते ही रास्ते का शुरू होगा काम
लोक निर्माण विभाग कोटला के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि इस रास्ते का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है तथा बजट का प्रावधान होते ही रास्ते का निर्माण शुरू करवाया जाएगा।
मार्ग का किया जाएगा निरीक्षण
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि माता बगलामुखी मंदिर कोटला को जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया जाएगा तथा इसके लिए बजट का प्रावधान करवाकर पक्का करवाया जाएगा।
