
बनखंडी में 190 हेक्टेयर भूमि में बनेगा विशाल चिडिय़ाघर; इसी महीने तैयार होगा ब्लू प्रिंट, मार्च में होंगे टेंडर
देहरा – शिव गुलेरिया
हिमाचल प्रदेश में पहला सफारी लार्ज जू जिला कांगड़ा के बगलामुखी मंदिर के साथ लगते बनखंडी में बनाया जाएगा। लार्ज जू के लिए 75 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होती है, जबकि राज्य में 190 हेक्टेयर भूमि में बड़ा चिडिय़ाघर बनाने का प्रोपोजल वाइल्ड लाइफ विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से तैयार किया गया है।
प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए फरवरी माह में ही बड़े चिडिय़ाघर का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया जाएगा, जबकि मार्च में टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। वाइल्ड लाइफ विभाग की ओर से प्रोपोजल को अंतिम सहमति के लिए केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण (सीजेडए) को भी भेज दिया गया है।
इसके तहत अब हर प्रकार के जानवर को बड़े बेड़े में शामिल किया जाएगा। प्रोपोजल में जीप व इलेक्ट्रिक वाहन से चिडिय़ाघर की सैर कर वन्य प्राणियों को देखने का मौका देश-विदेश के पर्यटकों व सूबे के लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही एक नए टूरिस्ट प्वाइंट को भी डिवेलप किए जाने की योजना है।
इसमें पर्यटकों को वन्य प्राणियों को नजदीक से देखने का विकल्प भी रखा गया है। इससे पर्यटक व लोग एक सुरक्षित रास्ते में जीप व इलैक्ट्रिक वाहनों से गुज़रते हुए वन्य प्राणियों को देख सकेंगे। इससे पहले तक हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार का कोई भी जू नहीं है। यह स्थान ही पर्यटकों की आवाजाही का मुख्य रास्ता है।
पंजाब, चंडीगढ़-दिल्ली से होते हुए अधिकतर पर्यटक इसी रास्ते से हिमाचल में पहुंचते हैं। इसी सर्किल में चिंतपूर्णी माता, बगलामुखी मंदिर, ज्वालामुखी व ब्रजेश्वरी मंदिर से होते हुए धर्मशाला-मकलोडगंज स्थित हैं। इसके साथ ही पौंग वेटलेंड भी पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है। ऐसे उसे भी विकसित किया जाएगा।
ऐसे में 22 फरवरी को इस योजना के लिए डिटेल ब्लू प्रिंट बनाने को लेकर टेंडर फाइनल किए जाएंगे। साथ ही फरवरी के अंत में पूरा ब्लू प्रिंट बनाकर इसके निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
वाइल्ड लाइफ विभाग चीफ के बोल
उधर, वाइल्ड लाइफ विभाग की चीफ कंजरवेटर धर्मशाला उपासना ने बताया कि कांगड़ा के बनखंडी में विशाल चिडिय़ाघर का प्रोपोजल सीजेडए को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि डीपीआर बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
