ज्वालामुखी के लूथान में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत बनेगा वृद्ध आश्रम : नरदेव कंवर

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देहरा – शिव गुलेरिया

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के 6 हजार अनाथ बच्चों का सहारा बनकर एक नया इतिहास रचा है। यह बात मुख्यमंत्री के करीबी कांग्रेस नेता नरदेव कंवर ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कही।

नरदेव कंवर ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांगड़ा जिला की ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लूथान में वृद्ध आश्रम खोला जाएगा। जिसके लिए लगभग 135 कनाल जमीन अलॉट की जा रही है। नरदेव कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हर वर्ग का ध्यान रखा है।

उन्होंने कहा कि बिन मांगे ही देहरा के बनखंडी में सबसे बड़ा जू खोला जा रहा है। वहीं देश के प्रथम धरोहर गांव प्रागपुर में गोल्फ कोर्स बनाया जा रहा है। दस गारंटियों में पहली गारंटी ओपीएस पहली कैबीनेट में बहाल की गई। सभी गारंटियों को लेकर भी विभागीय अधिकारियों का कदमताल शुरु हो गया है।

वहीं कई दफ्तरों को डिनोटिफाई करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिना बजट के साढ़े चार सालों बाद पूर्व की जयराम सरकार ने धड़ाधड़ दफ्तर खोल दिए वही बंद किए गए हैं। जहां तक खुंडियां में खोले गए बीडीओ ऑफिस के बंद करने की बात है। वहां बिना किसी अधिकारी कर्मचारियों के ऑफिस खोल दिया गया था। अब लोगों की डिमांड आ रही है जिसे लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे।

कांग्रेस नेता नरदेव कंवर ने जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ, अर्ध-अनाथ और विशेष रूप से सक्षम, निराश्रित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लाया गया है, जिसमें उन्हें हर संभव सहायता का प्रावधान किया गया है।

योजना में प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को अपने बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) के रूप में अपनाया है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मौजूदा अधोसंरचना के उन्नयन के साथ-साथ मौजूदा संस्थानों का युक्तिकरण कर उन्हें सुदृढ़ किया जाएगा ताकि आवासियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

योजना के अंतर्गत संस्थान में रहने वाले बच्चों की गुणात्मक शिक्षा का प्रावधान किया गया है ताकि उन्हें बेहतर कोचिंग, संदर्भ पुस्तकें अथवा कोचिंग सामग्री मिल सके। समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे बच्चों को मेंटरशिप भी प्रदान की जाएगी।

दसवीं से बाहरवीं तक के बच्चों को सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से करियर काउंसलिंग भी प्रदान की जाएगी। योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र आवासियों को कोचिंग, छात्रावास शुल्क, शिक्षण शुल्क आदि के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए प्रति वर्ष प्रदान करने के अलावा कोचिंग की अवधि के दौरान चार हजार रुपए प्रति आवासी प्रति माह छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

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