
शाहपुर – अमित शर्मा
अस्पताल में लैब टेक्नीशियन पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने बताया कि जिस पद पर कार्यरत है वहां पर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी को भेजा गया है।
जिससे हमें हर बार की तरह डर के साये मे जीना पड रहा है कि किसी भी वक्त हमारा कार्यकाल समाप्त कर दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हमारा नई सरकार से मांग है कि हमारे सर्विस का समय अबधि बढाया जाए व सर्विस को नियमित तौर पर किया जाए
उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे 16 से 18 घटें अस्पताल में काम किया है। उसके बाबजूद भी निष्कासित किया जा रहा है। इस कारण हमारा परिवारिक जीवन अस्त बयस्त हो रहा है ।
वहीं रजनीश कुमार ,सुशील सिंह,रविन्द्र कुमार ने सरकार से मांग की है कि सर्विस को नियमित किया जाए और हमारे भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
यूं तो सरकारों द्वारा बढ़े -बढे बादे किए जा रहे है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पोल्सी बनाई जाएगी औरएक कमेटी के दायरे मे लाऐ जाएंगे । पर हमारे लिए एक निष्कासित का दायरा ही काम आ रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी कहते हैं कि आप आउटसोर्स के माध्यम से रखे गये हैं आप रेगुलर कर्मचारी नही है। हमे बहुत ठेस पहुंचाई जाती है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविद्रं सिंह सुक्खू से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी कंपनी के दायरे मे लाया जाए । उनके लिऐ पोल्सी बनाये जाए। तकि उनका परिवारिक जीवन ठीक ढंग से चल सके ।
वही रविन्द्र सिंह ने बताया कि लगभग 12 वर्ष से बतौर लैब टेक्नीशियन की सेवाएं लपियाना अस्पताल में दे रहे है और कोरोना के समय भी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी है।
अब मेरी जगह पर प्राइवेट कम्पनी के कर्मचारी को भेज दिया गया है। अधिकारी भी कहते है कि आप आउटसोर्स के माध्यम से रखे गये हैं आप रेगुलर कर्मचारी नही है। ऐसे में 45 वर्ष की उम्र में हम कहाँ जाएंगे।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि हमारे लिए कोई स्थायी पॉलिसी बनाई जाए।और मुझे अपने पद से न निकाला जाए।
