हिमालय साहित्य संस्कृति मंच द्वारा दिव्यांग रचनाकार काव्य वर्षा को किया सम्मानित

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ज्वाली – शिबू ठाकुर

शारीरिक रूप से दिव्यांग परन्तु मानसिक रूप से बेहद सजग और रचनात्मक लेखिका काव्य वर्षा का हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच शिमला द्वारा उनके पैत्रिक गांव दरकाटी में ‘‘विलक्षण प्रतिभा लेखक सम्मान‘‘ से अलंकरण किया गया।

यह सम्मान प्रख्यात लेखक और हिमालय मंच के अध्यक्ष एस.आर.हरनोट ने मंच के सदस्यों त्रिलोक मेहरा, विजय उपाध्याय, प्रियंवदा शर्मा, निर्मल चंदेल, रत्न चंद निर्झर, सतपाल धृतवंशी, अक्षय कुमार, कुसुम, कांगड़ा कला संगम के पदाधिकारियों, सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों से पधारे लेखकों उनके परिजनों, मीडिया कर्मियों और गांव के लोगों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

सम्मान के समय काव्य वर्षा की माता श्रीमती पवन कुमारी और पिता श्री बलदेव राज विशेष रूप से उपस्थित रहे। सम्मान में काव्य वर्षा को हिमाचली टोपी, शॉल, खतक, मोमैंटो, प्रशस्ति पत्र और पुस्तकें भेंट की गईं। सम्मान देते हुए हरनोट ने कहा कि हिमालय मंच काव्य वर्षा को सम्मानित करते हुए स्वयं सम्मानित हुआ है।

उन्होंने कहा कि वे काव्य वर्षा के लेखन और रचनात्मक सक्रियता से काफी प्रभावित हैं और इस बहाने उनसे तथा उनके परिजनों से मिलने का सुअवसर भी प्राप्त हुआ है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि एक दिव्यांग प्रतिभा शिक्षा में शून्य होते हुए भी हिन्दी, पंजाबी और पहाड़ी भाषा स्वयं सीख लें और लिखना शुरू कर दें।

उनकी 117 कविताओं की पुस्तक तथा कई फिल्मों के लिखे स्क्रिप्ट और उन पर निर्मित लघु फिल्में काव्य वर्षा की विलक्षण प्रतिभा के उदाहरण हैं। उन्हें और उनकी फिल्मों को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

हिमालय साहित्य मंच और उपस्थित लेखकों का स्वागत, अभिनंदन जानेमाने लेखक और कांगड़ा कला संगम के महासचिव पंकज दर्शी ने किया। उपन्यासकार त्रिलोक मेहरा और कवि कथाकार विजय उपाध्याय ने हिमालय मंच की गतिविधियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। मीडिया कर्मी विनोद कुमार ने इस आयोजन को बहुत अच्छी तरह कैमरे में कैद किया।

काव्य वर्षा के सम्मान में उनके घर एक बहुभाषी साहित्यिक गोष्ठी भी आयोजित की गई जिसमें कई लेखकों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। साथ ही हिंदी, पहाड़ी कवि गोष्ठी का भी आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न शहरों, गांव से पधारे लेखकों ने अपनी रचनाएं पढ़ीं। काव्य वर्षा का कविता पाठ सभी के आकर्षण का केन्द्र रहा।

गोष्ठी में जिन रचनाकारों ने भाग लिया उनमें त्रिलोक मेहरा, पंकज दर्शी, प्रियंवदा शर्मा, सतपाल घृतवंशी, अक्षय कुमार, रत्न चंद निर्झर, प्रियम्वदा शर्मा, निर्मल चंदेल, अक्षय कुमार, रचना पठानिया, विजय उपाध्याय, ललित कुमार और कांगड़ा कला संगम के अध्यक्ष संगीतकार शंकर सन्याल, उपाध्यक्ष नीलम शर्मा, महासचिव पंकज दर्शी, वित सचिव कपिल मेहरा, शिवराज सन्याल, किशोर धीमान, नवीन चन्द्र शर्मा विस्मित, विजय उपाध्याय, विजय भारद्वाज, जितेन्द्र शर्मा, संजय मिश्रा ने रचनापाठ किए। मंच संचालक लेखिका गीतकार प्रतिभा शर्मा ने बहुत खूबसूरती से किया।

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