कोटला – स्वयंम
पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग वीरवार सुबह भी 32मील के पास भारी भूस्खलन के चलते दिन भर बंद होता रहा। वीरवार को बसों में सफर कर विद्यालयों, कॉलेज, आईटीआई में जाने वाले बच्चे दूसरे दिन भी 32 मील तो पहुंचे, लेकिन 32मील में भारी जाम के चलते अपने संस्थानों तक नहीं पहुंच पाए और वापिस अपने घरों को वापिस आ गए।
पठानकोट से बैजनाथ एवं धर्मशाला जाने वाली बसें 32मील में सुबह छह बजे से खड़ी हैं। इन बसों में डाक भी रखी हुई है। एनएच एवं फोरलेन कंपनी की मशीनें मौके पर रास्ता सही करने में जुटी हुई हैं।
हल्के वाहनों वाले अपने वाहनों को विकल्प के तौर पर कोटला से बाड़ा- बोरका- भाली एवं 32मील से सिहुनी- जोल-घटनालू संपर्क मार्गों से आ जा रहे हैं, लेकिन यह संपर्क मार्ग भी लम्बे एवं सिंगल लेन होने के कारण जाम लग रहा है।

गौरतलब है कि 9 अगस्त को भी मार्ग से वाहन बड़ी मुश्किल से गुजरे तथा 10 अगस्त को भी सुबह ही भूस्खलन होने के कारण मार्ग 7 बजे से बंद हो गया। दोनों तरफ लंबा जाम लग गया।
लगातार भूस्खलन के कारण खड्ड की तरफ का मार्ग धंस गया है, जबकि एक तरफ का मार्ग खोला गया है। भारी भूस्खलन एवं दलदल के कारण वाहन कीचड़ में फंसते रहे। जेसीबी से धक्का लगाकर वाहनों को निकाला गया।

पुलिस चौकी प्रभारी कोटला के बोल
पुलिस चौकी प्रभारी कोटला एएसआई राजकुमार ने कहा कि पुलिस टीम व्यवस्था बनाए हुए हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग को रिपेयर करने का काम जारी है और शीघ्र ही यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।
एनएचएआई डीएम के बोल
एनएचएआई के डीएम तुषार कुमार ने कहा कि फोरलेन का कार्य के चलते हमने उपमंडलाधिकारी को लिखित रूप से अवगत करवाया है कि वैकल्पिक मार्ग का प्रावधान किया जाए।
एसडीएम ज्वाली के बोल
एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि फिलहाल उक्त स्थान से कोई बड़ा वैकल्पिक. मार्ग नहीं है, जिसमें ट्रक व बस गुजर सकें।

