बिलासपुर, 15 जुलाई – सुभाष चंदेल
हिमाचल की सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविंद सागर में 200 से अधिक मवेशियों के फंसने का मामला सामने आया है। इसके बाद 5वीं बटालियन होमगार्ड के जवानों ने सभी मवेशियों का सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित झील के किनारे पहुंचाया।
दरअसल, गोविंद सागर झील के किनारे रहने वाले लोग मवेशी चराने रोजाना झील के बीच बने टापू नाला नौन जाते हैं। मानसून की पहली बरसात के बाद गोविंद सागर झील का जलस्तर बढ़ने के चलते 200 से अधिक मवेशी टापू में ही फंस गए। सूचना एसडीएम बिलासपुर कार्यालय को दी गई।
सूचना मिलने के तुरंत बाद 5वीं बटालियन होमगार्ड के 7 सदस्यों की टीम गोविंद सागर झील पहुंची और वहां से मोटरबोट के जरिए टापू पर पहुंचे, जहां मवेशी फंसे हुए थे। करीब 1 घण्टे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद होमगार्ड के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से कम जलस्तर वाली जगह से सभी मवेशियों को झील किनारे पहुंचाया।
जानकारी देते हुए 5वीं बटालियन होमगार्ड बिलासपुर के पलाटून हवलदार गोपाल कुमार ने कहा कि टापू में फंसे सभी मवेशियों को सुरक्षित झील के किनारे पहुंचा दिया गया है।
उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि बरसात के चलते गोविंद सागर झील में वह अपने मवेशियों को घास चरने के लिए न भेजें, नहीं तो कोई बड़ा हादसा पेश आ सकता है।

