नाहन, 13 जून – नरेश कुमार राधे
मंगलवार रात से लापता मुख्य आरक्षी जसवीर सैनी की गुमशुदगी व एसएसपी के खिलाफ संगीन आरोपों की जांच की जिम्मेदारी राज्य के सीआईडी (क्राइम) को सौंपी गई है। सूत्रों का कहना है कि CID के DIG डीके चौधरी मामले की जांच को लेकर वीरवार देर शाम तक नाहन पहुंच सकते हैं।
दरअसल, इस मामले की जांच सिरमौर के स्तर पर हो ही नहीं सकती थी। इसकी वजह ये थी कि मुख्य आरक्षी ने वायरल वीडियो में पुलिस अधीक्षक पर ही प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। हालांकि, वीडियो में मुख्य आरक्षी ने कई आरोप लगाए हैं, लेकिन अहम बिन्दू ये है कि उस पर मार पिटाई के मामले में आईपीसी की धारा-307 को शामिल करने को लेकर कथित दबाव डाला जा रहा था।
मंगलवार सुबह ही लापता हैड कांस्टेबल की पत्नी अनीता सैनी के नेतृत्व में सैंकड़ों प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त के समक्ष मांग उठाई गई थी कि समूचे घटनाक्रम की जांच वरिष्ठ अधिकारियों से करवाई जाए।
स्वाभाविक सी बात थी कि एसएसपी से उपर के रैंक का अधिकारी डीआईजी ही होता है। लिहाजा, पुलिस मुख्यालय ने सीआईडी (क्राइम) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी बीच सरकार के गृह विभाग ने भी पुलिस महानिदेशक को मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ओंकार चंद शर्मा के बोल
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि पुलिस महानिदेशक से फीडबैक लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा इस मामले को लेकर कुछ बिंदुओं को उनके संज्ञान में लाया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा के बोल
इसी बीच सिरमौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा ने बताया कि कालाअंब थाना में मुख्य आरक्षी की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की गई है। तलाश के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इस बात की पुष्टि की है कि जांच की जिम्मेदारी सीआईडी (क्राइम) को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि तलाश के लिए एसआईटी (SIT) का गठन भी कर दिया गया है।

