हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाते हुए लगातार दूसरी बार नैशनल कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रैस्क्यू (सीएसएसआर) प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया है।
इस ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में रविवार को ओकओवर शिमला में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां विजेता टीम ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रतिष्ठित ट्रॉफी भेंट की।
गाजियाबाद (8वीं बटालियन एनडीआरएफ कैंपस) में 9 से 11 मार्च तक आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 30 टीमों ने भाग लिया था।
हिमाचल की टीम ने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए मात्र 41 मिनट में रैस्क्यू ऑप्रेशन पूरा कर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा।
मुख्यमंत्री ने थपथपाई पीठ, बांटे प्रशस्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने टीम के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, समर्पण और व्यावसायिकता के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी जांबाज जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व महानिदेशक (एसडीआरएफ व होमगार्ड्स) सतवंत अटवाल ने किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत साबित करती है कि हिमाचल की आपदा प्रबंधन टीम देश की सबसे सक्षम टीमों में से एक है।
होमगार्ड वालंटियर मैनेजमैंट सिस्टम लॉन्च
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म होमगार्ड वालंटियर मैनेजमैंट सिस्टम का भी शुभारंभ किया। इसे एनआईसी हिमाचल के सहयोग से विकसित किया गया है।
अब ड्यूटी आबंटन, ट्रेनिंग रिकॉर्ड, छुट्टी प्रबंधन और तैनाती की ट्रैकिंग पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल होगी। इससे विभाग की कार्यक्षमता और रियल टाइम मॉनीटरिंग में सुधार होगा।
समारोह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) केके पंत, विशेष सचिव (राजस्व) डीसी राणा, एनआईसी के राज्य सूचना अधिकारी अजय सिंह चाहल सहित होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ की उपलब्धियों और उनके कठिन प्रशिक्षण पर आधारित एक लघु डॉक्यूमैंट्री भी दिखाई गई।

