
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, औद्योनिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी व कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर सहित 138 महाविद्यालयों के करीब 2800 प्राध्यापकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) संशोधित वेतनमान का लाभ देने की तैयारी है।
इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
प्वाइंटस में पढ़िए
- विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव, वित्त विभाग को भेजा जाएगा
- वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट को भेजा जाएगा
- 534 करोड़ रुपये खर्च संशोधित यूजीसी वेतनमान का लाभ देने के लिए आएगा
- 162 करोड़ रुपये अंतरिम राहत के तौर पर पहले ही प्राध्यापकों को मिल चुके हैं
- 190 करोड़ रुपये पांच साल का एरियर देने के लिए यूजीसी की ओर से दिए जाएंगे
वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा। संशोधित यूजीसी वेतनमान का लाभ देने के लिए 534 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें से 162 करोड़ रुपये अंतरिम राहत (आइआर) के तौर पर पहले ही प्राध्यापकों को मिल चुके हैं।
190 करोड़ रुपये पांच साल का एरियर देने के लिए यूजीसी की ओर से दिए जाएंगे। 180 करोड़ रुपये वित्तीय लाभ देने के लिए चाहिए। यदि इसे सालाना तौर पर दिया जाता है तो 35 से 40 करोड़ रुपये चाहिए। प्राध्यापक काफी अर्से से वित्तीय लाभ की मांग कर रहे थे।
