हिमखबर डेस्क
सरहदों की रक्षा करते समय घायल सैनिकों की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाली नर्सों की अब अपनी पहचान होगी। सेवानिवृत्त होने वाली नर्सों को अब भूतपूर्व सैनिकों का दर्जा मिलेगा।
साथ ही इन्हें अन्य भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। इस बाबत रक्षा मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस निर्णय के आदेश सैनिक कल्याण विभाग निदेशालय को मिल गए हैं।
पूर्व सैनिकों का दर्जा मिलने के बाद उनके अब पूर्व सैनिकों की तर्ज पर पहचान पत्र भी बनेंगे और उन्हें देश में अन्य क्षेत्र में नौकरी करने का भी मौका मिलेगा।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश में अभी तक यह आंकड़ा नहीं है कि प्रदेश में ऐसी कितने ऑफिसर हैं, जिन्होंने सेना में सेवाएं दी हैं, लेकिन अब सैनिक कल्याण विभाग में नाम दर्ज करवाने पर इनका आंकड़ा भी स्पष्ट हो सकेगा।
केंद्रीय सैनिक बोर्ड रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर 25 फरवरी को आदेश जारी किए हैं, जिन्हें लेकर अब सैनिक निदेशालय हमीरपुर को अधिसूचना पत्र प्राप्त हुआ है। इस आदेश से हिमाचल प्रदेश की कई सेवानिवृत्त नर्सिंग ऑफिसर को लाभ मिलेगा।
बिग्रेडियर मदनशील शर्मा, निदेशक निदेशालय सैनिक कल्याण विभाग हिमाचल प्रदेश के बोल
सेना की ओर से संचालित अस्पतालों में सेवाएं देने वाली नर्सिंग ऑफिसर को पहले भूतपूर्व सैनिकों का दर्जा नहीं दिया था। अब इन्हें भी भूतपूर्व सैनिकों का दर्जा मिलेगा। इन्हें भूतपूर्व सैनिकों की तरह ही लाभ प्रदान किए जाएंगे। इस संबंध में निदेशालय को रक्षा मंत्रालय से आदेश प्राप्त हो गए हैं।

