
हिमाचल प्रदेश के लाखों युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। दूसरी तरफ 45 लोग ऐसे हैं जिन्हें प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (टीजीटी) की नौकरी रास ही नहीं आ रही है। बैचवाइज आधार पर शिक्षा विभाग ने इनका चयन किया था।
शिमला-जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के लाखों युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। दूसरी तरफ 45 लोग ऐसे हैं, जिन्हें प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक (टीजीटी) की नौकरी रास ही नहीं आ रही है। बैचवाइज आधार पर शिक्षा विभाग ने इनका चयन किया था। फरवरी, मार्च और अप्रैल में विभाग ने 544 टीजीटी के नियुक्ति आदेश जारी किए थे।
इनमें से 45 चयनित अभ्यर्थियों ने अभी तक तैनाती नहीं दी है। विभाग ने इनसे फोन पर संपर्क भी साधा। पूछा कि क्या वे ज्वाइन करना चाहते हैं या नहीं। सूत्रों की माने तो कुछ ने पहले समय मांगा था, लेकिन यह समय पूरा होने के बाद भी तैनाती नहीं दी।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक ललित जैन ने सोमवार को सभी शिक्षा उपनिदेशकों को सर्कुलर भेजा है। इनसे कहा गया है वे एक सप्ताह के भीतर इसकी रिपोर्ट दें। यह बताएं कि क्या ये ज्वाइन करना चाहते हैं या नहीं।
सबकी आयु 50 से पार
तैनाती नहीं देने वाले अभ्यर्थियों की आयु 50 व इससे अधिक वर्ष है। विभाग की माने तो ये सभी पहले से सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत हैं, इसलिए ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। यदि वे अब ज्वाइन करते हैं तो उन्हें वित्तीय नुकसान हो जाएगा, क्योंकि तीन साल का अनुबंध कार्यकाल होगा। रोचक बात यह है कि इन अभ्यर्थियों ने टीजीटी की काउंसिलिंग में भाग लिया था। काउंसिलिंग में सभी दस्तावेज जमा करवाए उसके बाद ही इन्हें विभाग ने ज्वाइनिंग लेटर भेजे थे।
