हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में शराब ठेकों के आबंटन की दशकों पुरानी फिजिकल ऑक्शन की परंपरा को तोड़ते हुए मंगलवार को डिजिटल युग का आगाज हुआ। हालांकि ई-ऑक्शन का यह पहला अनुभव मिला-जुला रहा।
राजस्व जिला कांगड़ा की कुल 31 यूनिट्स के लिए रखी गई इस नीलामी में 16 यूनिट्सके लिए कोई खरीददार ही सामने नहीं आया। विभाग के लिए राहत की बात यह रही कि 15 यूनिट्स के लिए आवेदन आए, जिनमें से 14 यूनिट्स का आबंटन सफलता पूर्वक कर दिया गया है।
आबंटित 14 यूनिट्स में से 12 पर सिंगल एप्लीकेशन आए, जिससे बिना किसी बड़ी खींचतान के संबंधित कंपनियों को अलॉटमेंट दे दी गई। असली मुकाबला और बोलियों की चमक सिविल लाइन धर्मशाला, खोली और बड़ोह यूनिट्स में देखने को मिली, जहां कारोबारियों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई।
वहीं, बैजनाथ यूनिट में आवेदन के बावजूद बोलीदाता के पीछे हटने से विभाग को मायूसी हाथ लगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार भी पुराने दिग्गजों ने ही बाजी मारी है। उन्होंने सोची-समझी रणनीति के तहत अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों की दुकानों के लिए दावेदारी पेश की।
राजस्व के मोर्चे पर विभाग ने इस साल बहुत बड़ा जोखिम नहीं उठाया है। पिछले वर्ष के 283 करोड़ रुपए के मुकाबले इस बार कुल आरक्षित मूल्य 284.5 करोड़ रुपए रखा गया है। यह मात्र 1.5 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी है, जिसे मौजूदा बाजार परिस्थितियों में काफी संतुलित माना जा रहा है।

