हिमाचल में कांग्रेस प्रत्याशियों की लेट घोषणा से चुनावी नतीजे अनुकूल न होने पर आखिरकार किसकी रहेगी जिम्मेदारी

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डोल भटहेड़ – अमित शर्मा

पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने हिमाचल प्रदेश में हो रहे चार लोकसभा चुनावों एवं छः विधानसभा उपचुनावों में उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर हो रही देरी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साधू राम राणा ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने से हिमाचल कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और केंद्रीय कांग्रेस हाईकमान लगातार प्रत्याशियों के पैनल को लेकर चर्चा करने में जुटा हुआ है और अभी तक लोकसभा के दो प्रत्याशियों और तीन विधानसभा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा ही हो पाई है जबकि दो लोकसभा एवं तीन विधानसभा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा पर अभी भी संशय बना हुआ है और मतदान केलिए अब शेष अवधि एक माह ही रह गई है।

अतः इन हालातों में खासकर लोकसभा प्रत्याशियों केलिए सत्रह विधानसभाओं में चुनाव प्रचार केलिए पहुंच पाना अब असंभव ही नहीं बल्कि नामुमकिन माना जा रहा है और उधर हर विधानसभा में सौ से अधिक पोलिंग बूथों पर भी एक माह से कम समय में हर पोलिंग बूथ पर पहुंच पाना भी मुश्किल लग रहा है।

अतः कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व द्वारा टिकटों की घोषणा को लेकर की जा रही लेट लतीफी से यदि चुनावों के नतीजे अनुकूल नहीं रहते हैं तो क्या इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व लेगा या फिर कार्यकर्ताओं को ही कोसा जाएगा।

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