शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने लोगों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश में लोगों को 125 मुफ्त बिजली यूनिट देने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में जो लोग 300 यूनिट फ्री बिजली की उम्मीद लगाए बैठे थे, वह अब 125 यूनिट्स से भी जाएंगे।
दरसअल, शुक्रवार को शिमला में सुक्खू कैबिनेट की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में सरकार ने तय किया कि प्रदेश में इनकम टैक्स भरने वाले, मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और अफसरों को बिजली पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। साथ ही अब एक परिवार-एक मीटर के आधार पर ही 125 मुफ्त मिलेंगे।
सरकार ने क्या फैसला लिया
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में बीती जयराम सरकार ने प्रदेश वासियों को 125 यूनिट महीना मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया था। अब 125 यूनिट की निशुल्क बिजली योजना बंद होने से साढ़े दस लाख उपभोक्ताओं को झटका लगा है।इससे पहले, जयराम सरकार में साल 2022 में 14 लाख उपभोक्ताओं को निशुल्क बिजली देने की योजना लागू की थी।
सुक्खू सरकार ने दिया था 300 यूनिट्स फ्री देने का वादा
हिमाचल प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश में 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया था।हालांकि, सरकार को बने हुए 18 महीने से अधिक का वक्त बीत गया है लेकिन सरकार 300 यूनिट फ्री देने पर कोई फैसला नहीं कर पाई।
अहम बात है कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। प्रदेश पर करीब एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सूबे को बिजली परियोजनाओं की वजह से सबसे अधिक आय होती है, लेकिन मुफ्तखोरी की वजह से बिजली बोर्ड की आर्थिक हालत भी खराब होने लगी है।
सैलरी का संकट
हाल ही में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की सैलरी को लेकर भी सकंट का सामना करना पड़ा था। इसे लेकर काफी ज्यादा बवाल भी हुआ था। वहीं, सुक्खू सरकार अब तक बिजली कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन योजना का लाभ भी नहीं दे पाई है।उधर, हिमाचल प्रदेश में जुलाई माह की पेंशन एचआरटीसी कर्मचारियों को नहीं मिली है।

