
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में मानसून से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से आई उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालय टीम ने माना है कि हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के कारण भारी नुकसान हुआ हैं। केंद्र की टीम ने तीन दिनों में चार जिलों का दौरा किया।
इस दौरान टीम ने मानसून से हुए नुकसान का जायजा लिया, वहीं हिमाचल सरकार ने केंद्र की टीम को 1981.86 अंतरिम ज्ञापन सौंप दिया है। हालांकि सीजन के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
प्रदेश में इस मॉनसून सीजन के दौरान अभी तक हुए नुकसान का आकलन करने पहुंची केंद्र की एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालय टीम ने मंगलवार को मुख्य सचिव आरडी धीमान और सभी संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक कर नुकसान की रिपोर्ट पर चर्चा की तथा इस संबंध में अंतरिम ज्ञापन प्राप्त किया।
केंद्रीय टीम की अगुवाई कर रहे गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आपदा प्रबंधन) सुनील कुमार बर्णवाल और अन्य सदस्य धर्मशाला से तथा टीम के अन्य सदस्यों सुभाष कुमार और दीपशेखर सिंघल बिलासपुर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आरडी धीमान ने बताया कि प्रदेश सरकार के विशेष आग्रह पर पहली बार केंद्रीय दल ने मानसून सीजन के दौरान ही 28 से 30 अगस्त तक राज्य का दौरा किया है। इससे वास्तविक स्थिति के आकलन में मदद मिली है।
मुख्य सचिव ने बताया कि अभी केंद्रीय दल को 1981.86 करोड़ रुपए के नुकसान का अंतरिम ज्ञापन सौंपा गया है। मुख्य सचिव ने बताया कि इसमें लोक निर्माण विभाग को 957.09 करोड़ रुपए और जल शक्ति विभाग को 725.07 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा अन्य विभागों तथा निजी संपत्ति की भी भारी क्षति हुई है।
प्रदेश में अभी तक इस मॉनसून सीजन के दौरान आपदा से कुल 278 लोगों की मौत हुई है, जबकि 522 लोग घायल हुए हैं तथा 9 लोग अभी भी लापता हैं। 169 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 825 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। 72 दुकानें और 887 गौशालाएं भी तबाह हुई हैं। इस दौरान 587 पशु भी मारे गए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह केवल अंतरिम रिपोर्ट है और आने वाले दिनों में इन आंकड़ों में काफी वृद्धि की संभावना है, क्योंकि अभी मॉनसून सीजन के 20-25 दिन शेष हैं तथा कई स्थानों पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट सीजन के अंत तक प्रस्तुत की जाएगी। इस रिपोर्ट में केंद्रीय दल के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।
