
व्यूरो रिपोर्ट
माता-पिता, गुरु के सहयोग व कड़ी मेहनत ने गोल्ड मेडल तक पहुंचाया है। यह कहना है कि हिमाचल प्रदेश चौधरी सरवण कुमार कृषि विवि के गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का। गोल्ड मेडल प्राप्त कर काफी खुश हैं, उस वक्त यह खुशी और भी बढ़ जाती है जब यह मेडल राज्यपाल के हाथों से मिले।
पालमपुर कृषि विवि में दीक्षा समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जहां पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व राज्यपाल डिग्री व मेडल विद्यार्थियों को दे रहे हैं। कृषि विवि की ओर से एक सितंबर 2017 से 31 अगस्त 2018 तक स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 393 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई।
इनमें से 262 स्नातक स्तर के, 110 स्नातकोत्तर स्तर के तथा 21 पीएचडी पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थी शामिल हैं।आठ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इनमें छह स्नातक पाठ्यक्रम, एक स्नातकोत्तर तथा एक पीएचडी पाठ्यक्रम से संबंधित विद्यार्थी है।
गोल्ड मेडल पाने वाले डाक्टर अमित शर्मा ने कहा गोल्ड मेडल के लिए गुरु, माता-पिता, पत्नी तथा बच्चों सहित सहयोगियों का आभार है, जिन्होंने लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित किया। तरुण शर्मा ने कहा कि वह बीएससी होस्पिटेलिटी से हैं। गोल्ड मेडल लेने के लिए माता-पिता व अध्यापकों का सहयोग मिला। पिता कृषि विवि में ही पीए टू वाइस चांसलर हैं और माता गृहिणी हैं।
सुकांत अवस्थी ने कहा कि माता-पिता दोनों अध्यापक हैं। गोल्ड मेडल प्राप्त करके काफी अच्छा लग रहा है। माता पिता व गुरुओं का सहयोग मिला। सभी बच्चे मेहनत करते हैं, गोल्ड मिलने पर काफी खुश हैं। दिवांशी राणा ने कहा बीएससी अकैडमी ऑनर एग्रीकल्चर चार साल की डिग्री में गोल्ड मेडल मिला है। पिता नेवी से सेवानिवृत्त हैं और सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं और मेरी माता गृहिणी हैं। हर विषय दिल लगाकर पढ़ा है और हर विषय पर मेहनत करती हूं।
नेहा चौहान ने कहा कि वह सुंदरनगर की रहने वाली हैं, पालमपुर कृषि विवि से बीएससी, एमएसी की है और पीएचडी कर रही हैं। एमएससी में गोल्ड मेडल मिला है। पिता प्राइवेट नौकरी में हैं और माता गृहणी हैं, अभी नौकरी लग गई थी पर अब नौकर छोड़ कर पढ़ाई करनी है।
ममता चंदेल ने कहा कि गोल्ड मेडल मिलने से काफी खुश हैं। खुश हैं कि मुख्यमंत्री व राज्यपाल की मौजूदगी में उन्हें यह मेडल मिला है। पिता सेना से कैप्टन सेवानिवृत्त हैं और माता गृहणी हैं। हर लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत बहुत करनी पड़ती है पर माता पिता व गुरुओं का बहुत योगदान है।
