हिमाचल किसान सभा ने किसानों के विभिन्न मुद्दों पर किया विचार विमर्श
मंडी – अजय सूर्या
हिमाचल किसान सभा की मंडी जिला कमेटी ने किसानों के विभिन्न मुद्दों पर पूरे जिला में व्यापक अभियान चलाने का निर्णय लिया है। किसान सभा की आज मंडी में देर शाम तक आयोजित की गई।
जिला कमेटी की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सभा के जिला अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने बताया कि जिला भर में कई सड़कों, हाइडल प्रोजेक्टों व अन्य निर्माण कार्यों के लिए किसानों की जमीने अधिग्रहित की गई हैं या फिर ज़मीनों के अधिग्रहण की तैयारी हो रही है। लेकिन बड़े खेद की बात है कि कहीं भी भूमि अधिग्रहण कानून को लागू नहीं किया जा रहा। न तो फैक्टर 2 के अनुरूप मुआवजा दिया जा रहा है और न ही अन्य प्रावधानों को लागू किया जा रहा है।
पिछली भाजपा सरकार के दौरान बड़ी चालाकी से भूमि के सर्कल रेट बहताशा घटा कर किसानों की जमीने कौड़ियों के भाव हड़पने का रास्ता निकाला गया है। जिस जमीन की मार्केट वैल्यू करोड़ों रूपये है उसको मात्र कुछ लाख रूपये दे कर ही हड़पा जा रहा है।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि सरकार या निर्माण कार्य में लगी कंपनियों द्वारा भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों से पुनर्वास, संपर्क सड़कों, सर्विस रोड़, पैदल रास्ते, बावड़ी, कुएं, हैंड पंप, फूट ओवर ब्रिज, अंडर पास, अधिग्रहित भूमि के बाहर की भूमि पर होने वाले नुकसान, पर्यावरण से फसलों को होने वाले नुकसान आदि मुद्दों का समाधान नहीं किया जा रहा है।
कल्वर्ट बनने से आस पास की ज़मीनों में जो नाले तबाही मचा रहे हैं उसके मुआवजे का भी कोई प्रावधान नहीं किया जा रहा है। किसान सभा ने इन सब मुद्दों पर संघर्ष किया है तथा पूरे जिला में किसानों को लामबंद कर इन मुद्दों के समाधान के लिए कार्यरत है।
इसी कड़ी में भूमि अधिग्रहण और इससे जुड़े मुद्दों को लेकर आगामी 30 जुलाई को मंडी में एक राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रभावितों और आम किसानों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए संघर्ष की रूपरेखा बनाई जाएगी।

