हिमाचल का पहला Cable Stayed Bridge जनता को समर्पित, 4 साल में बना, 25 करोड़ रुपये आया खर्च

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मंडी – नरेश कुमार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सूबे का पहला केवल स्टेयड पुल जनता को समर्पित कर दिया गया है. सीएम जयराम ठाकुर ने इसका उद्घाटन किया है. मंडी के हणौगी स्थित इस केबल पुल का निर्माण में 25 करोड़ रुपये की लागत आई है और इसे बनाने में चार साल का वक्त लगा है.

सोमवार को सीएम जयराम ठाकुर ने जिले के द्रंग एवं सराज विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाले ब्यास नदी पर 25 करोड़ रुपये की लागत निर्मित केबल स्टेयड पुल का लोकार्पण करने के बाद हणोगी में जनसभा की और कहा कि उन्होंने वर्ष 2018 में इस पुल का शिलान्यास किया था और आज इसे जनता को समर्पित कर दिया गया है.

केबल पर टिका यह अपनी तरह का प्रदेश का पहला पुल है और इससे सराज तथा द्रंग के लोगों को आवागमन की और बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. साथ ही सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा.

सराज और द्रंग के लोगों को पुल बनने से पंडोह नहीं जाना पड़ेगा और इससे 20 किलोमीटर दूरी कम होगी. बता दें कि दिल्ली, गोवा, मुंबई और नागपुर में इस तरह के पुलों का निर्माण होता है.

क्या बोले सीएम

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबन्धन बोर्ड से समन्वय स्थापित कर बाखली के नेचर पार्क के समीप बांध में स्टीमर अथवा नाव चलाने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

सराज विधानसभा क्षेत्र में सरकारी क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय उच्च मार्ग से माँ बगलामुखी मंदिर तक रोपवे का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बाखली नेचर पार्क को भी रोप-वे से जोड़ा जाएगा.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हणोगी पुल की समीपवर्ती चार पंचायतों को लोगों की मांग पर विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए 10-10 लाख रुपये तथा दो अन्य पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की. उन्होंने हणोगी माता मंदिर में नवरात्रों के उपलक्ष्य में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के आरोग्य एवं समृद्धि की कामना की.

सैलानियों की पहली पसंद है साथ वाला पुल

इससे पहले, इस पुल के साथ एक छोटा पुल था, जो कि रस्सियों के सहारे टिका हुआ था. लकड़ी के पुल के ऊपर से केवल घोड़ों और खच्चरों के माध्यम से सामान आर-पार होता था. वाहनों की आवाजाही छोटे पुल पर नहीं होती थी.

यहां मनाली जाने वाले सैलानी हमेशा रुकते थे और पुलिस के ऊपर फोटो खींचवाते हैं और यहां पर एक छोटी सी मार्केट थी, जो अब फोरलेन की जद्द में आने के बाद खत्म हो गई है. बता दें कि बॉर्डर मूवी से लेकर अन्य गानों की शूटिंग इस पुल के नीचे और आसपास हो चुकी है.

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