शिमला – नितिश पठानियां
पिता को मंत्री पद का इंतजार है. बेटे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मामला हिमाचल प्रदेश कांग्रेस से जुड़ा है. इस्तीफे से एक बात तो तय है कि हिमाचल कांग्रेस में संगठन और सरकार में सबकुछ ठीक नहीं हैं.
ताजा मामले में सुक्खू सरकार में मंत्री पद के तलबगार विधायक राजेंद्र राणा के बेटे ने कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे को पिता की राजनीति से जोड़ा जा रहा है.
साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल को चुनाव में हराने वाले राजेंद्र राणा को इस बार भी मंत्री पद में जगह नहीं मिली है. उनके बेटे अभिषेक राणा बीते कई साल से कांग्रेस सोशल मीडिया के चेयरमेन थे.
इस्तीफा देने के बाद अभिषेक ने कहा कि आज एक महत्वपूर्ण विषय आप सबके सामने रख रहा हूं. कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियों के चलते आज प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया है.
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी आदरणीय राजीव शुक्ला जी से एक स्नेहपूर्ण भेंट हुई और उन्हें इस्तीफे के साथ अपने दिल की बात भी उनके सामने रखी, जिसकाउन्होंने सम्मान किया.
सभी प्रदेश के वरिष्ठ नेतागण, पदाधिकारी व अमूल्य कार्यकर्ताओं का दिल की गहराइयों से धन्यवाद. आप सभी के साथ संगठन को निरंतर मजबूत करने का यह सफर यूं ही जारी रहेगा.

आगे का प्लान भी बताया
लोकसभा चुनाव से पहले इस्तीफे के बाद अभिषेक ने अपनी आगामी कामों की रूपरेखा भी बताई और कहा कि वह स्थानीय स्तर पर एनजीओ चलाते हैं और ऐसे में अब वह इसी एनजीओ को और समय देना चाहते हैं. पार्टी किसी और शख्स को सोशल मीडिया चेयरमैन बना सकती है.
पिता को नहीं मिल रही मंत्रीमंडल में जगह
अभिषेक राणा के पिता राजेंद्र राणा को सुक्खू कैबिनेट में जगह नहीं मिली है, जबकि वह 2012 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं. राणा वीरभद्र गुट से आते हैं और उनके खासे करीबी भी रहे हैं. राणा खुद कह चुके हैं कि केंद्रीय हाईकमान से उनके नाम को हरी झंडी मिली थी, लेकिन फिर भी उन्हें मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिली. ऐसे में अब लगातार उनकी सुक्खू सरकार से नाराजगी की खबरें आ रहे हैं और अब बेटे ने भी चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है.

