
फतेहपुर- अनिल शर्मा
हिमाचल प्रदेश उपचुनाव में टिकट आवंटन के बाद पहले अर्की और अब फतेहपुर कांग्रेस में भी बगावत हो गई है। भवानी पठानिया को चुनावी रणक्षेत्र में उतारने की घोषणा के बाद कई कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। फतेहपुर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट के अन्य चाहवान नेताओं ने एक होकर परिवारवाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ऐसे कई नेता पूर्व मंत्री सुजान सिंह पठानिया के बेटे भवानी पठानिया को टिकट दिलाने से नाराज चल रहे हैं। प्रत्याशी के रूप में दावेदारी जता रहे नेताओं का कहना है कि कांग्रेस में परिवारवाद को अहमियत दी जाती रही है। वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी से पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है।
बीते मंगलवार को फतेहपुर से भवानी पठानिया की प्रत्याशी बनाने के बाद फतेहपुर से टिकट की उम्मीद लगाने वालों ने पार्टी के खिलाफ जाने की घोषणा कर दी। ठाकुर निशवार सिंह, चेतन चंबियाल, राघव पठानिया ने प्रेस वार्ता कर निर्दलीय चुनाव लड़ने तक की घोषणा कर दी है। सभी ने एकजुट होकर कांग्रेस कमेटी के पूर्व डेलिगेट ठाकुर निशवार सिंह को आजाद प्रत्याशी घोषित कर दिया।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव में परिवारवाद से हट कर अन्य कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का मौका पार्टी को देना चाहिए था, परंतु ऐसा नहीं हुआ। फतेहपुर से पहले ही अर्की में भी कांग्रेस टिकट चाह रहे राजेंद्र ठाकुर समेत ब्लॉक कांग्रेस नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफे दिए हैं। अर्की और फतेहपुर में बगावत पर उतरे इन नेताओं ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। वरिष्ठ नेता इन्हें मनाने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
फतेहपुर में राजन सुशांत बढ़ाएंगे भाजपा की परेशानी
फतेहपुर में पूर्व सांसद राजन सुशांत भाजपा की परेशानी बढ़ाएंगे। वह भी चुनाव लड़ने का पूरा मन बना चुके हैं। सुशांत धूमल सरकार में मंत्री रहे हैं और कांगड़ा से लोकसभा के सांसद रह चुके हैं। वह भाजपा से बाहर चल रहे हैं और उन्होंने अपनी पार्टी बना दी है। पिछले विधानसभा चुनाव में फतेहपुर में भाजपा की हार का वह कारण बने थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशांत फैक्टर को निष्क्रिय करने की मुहिम में जुट गए हैं।
