मंडी – अजय सूर्या
जिस गौशाला में पशु रखे होते थे, आज उसी गौशाला में पूरे परिवार को रहना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कोटली उपमंडल के चोपड़ा गांव की भिंत्रा देवी ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पाई-पाई जोड़कर सपनों का घर बनाने के बाद उसे ये दिन भी देखने पड़ेंगे।
चोपड़ा गांव में बीती 14 अगस्त को भारी बारिश के कारण जमीन धंस गई। भिंत्रा देवी का पक्का मकान इस कारण सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुआ। मकान का आधा हिस्सा गिर चुका है जबकि आधा हिस्सा कभी भी गिर सकता है। गांव के पांच अन्य मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है और दरारें आ गई हैं।
जब यह विपदा आई तो परिवार को उन दो गौशालाओं में पनाह लेनी पड़ी, जिनमें उन्होंने अपने पशुओं को बांध रखा था।पशुओं को दूसरों की गौशाला में बांध रखा है। भिंत्रा के बेटे परस राम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जहां पशु बांधे होते थे वहां उन्हें खुद रहना पड़ेगा।
बता दे कि यह गौशाला भी नाले में है और बारिश होने पर यहां भी खतरा ही बना रहता है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक 9 लोगों का परिवार आज आपदा का दंश झेलने को मजबूर है। इन्होंने सरकार से घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।

