
जिला मंडी के द्रंग हलके में बाल विवाह के मामले थम नहीं रहे हैं। चौहारघाटी में स्वजनों ने 15 साल की बेटी की शादी रचा दी। शिकायत मिलने पर चाइल्डलाइन ने नाबालिग को शनिवार को रेस्क्यू कर उसे बाल संरक्षण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया।
व्यूरो, रिपोर्ट
जिला मंडी के द्रंग हलके में बाल विवाह के मामले थम नहीं रहे हैं। चौहारघाटी में स्वजनों ने 15 साल की बेटी की शादी रचा दी।
शिकायत मिलने पर चाइल्डलाइन ने नाबालिग को शनिवार को रेस्क्यू कर उसे बाल संरक्षण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया।
नाबालिग के बयान दर्ज करने के बाद सीडब्ल्यूसी ने उसे वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिया है और द्रंग पुलिस से आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की है। द्रंग हलके में नाबालिग लड़कियों की शादियां करने का कुछ माह में यह पांचवां मामला है।
स्वजनों ने नाबालिग की शादी करीब एक साल पहले की थी। अभी तक उसका पंचायत, स्वास्थ्य विभाग व आंगनबाड़ी में पंजीकरण नहीं करवाया गया है। पुलिस, पंचायत प्रतिनिधियों व महिला एवं बाल विकास की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
शादी के बाद नाबालिग की सेहत लगातार गिर रही थी। उसे उचित पोषाहार नहीं मिला। उसके गिरते स्वास्थ्य को देख किसी व्यक्ति ने चाइल्डलाइन को इसके बारे में अगवत करवाया।
चाइल्डलाइन की टीम नाबालिग के ससुराल में पहुंची। वहां स्कूल प्रमाणपत्र में उसकी जन्मतिथि की जांच की गई। उसके नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद चाइल्डलाइन ने उसे रेस्क्यू कर लिया।
रेस्क्यू की नाबालिग
बाल संरक्षण समिति के चेयरमैन डीसी ठाकुर का कहना है चाइल्ड लाइन ने एक नाबालिग को द्रंग हलके से रेस्क्यू किया है।
उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई है और उसकी उम्र 16 साल हैै। उसे वन स्टाप सेंटर भेज में आश्रय दिया गया है।
