
धर्मशाला- राजीव जसबाल
न्यारा संगठन द्वारा संचालित राइड फॉर यूथ जागरूकता अभियान के तहत 20 हजार किलोमीटर की राइड के दौरान न्यारा संगठन के दो नौजवान नीतू और मुकुल 1042 किलोमीटर की राइड करते हुए देश के विभिन्न क्षेत्रों से होते धर्मशाला पहुंचे ।
न्यारा की संस्थापक नीतू चोपड़ा तथा प्रोग्राम मैनेजर मुकुल शर्मा देश भर के 1 लाख युवाओं को जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करने हेतू 20000 किलोमीटर लंबी राइड कर रहे है, जहां वे 28 प्रदेशों, 7 केंद्रीय शासित प्रदेशों तथा चारो कोनों में जाकर इस मुहिम का शंखनाद करेंगे।
धर्मशाला से अमृतसर किया प्रस्थान
न्यारा संस्था के 20 वर्षीय प्रोग्राम मैनेजर मुकुल ने बताया कि हम दोनो राइडर भारत के 28 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों तथा भारत के चारों छोर से खरदूंगला, तेजू, कोटेश्वर तथा कन्याकुमारी तक की राइड कर भारत के एक लाख युवाओं को जल है तो कल है, प्रकृति है तो हम है का संदेश देंगे ।
नीतू और मुकुल अभी खरदुंगला, लेह, कारगिल, श्रीनगर, जम्मू , चंबा होते हुए धर्मशाला पहुंचे थे और अब अमृतसर की ओर रवाना हो रहे हैं। ये एक जन आंदोलन है तथा लोगों के सहयोग से ही इसे गति मिल रही है।
राइड की अनोखी बात ये है कि ये राइडर्स बिना पैसे के स्थानीय लोगों के सहयोग से खाना, पीना, रहना, पेट्रोल तथा अन्य जरूरतें पूरी करते है । इस तरह यह चुनौती पूर्ण किंतु साहसिक मिशन सम्पूर्ण भारत के लोगों को लुभा रहा है ।
गिनीज वल्र्ड रिकार्ड बनाने का प्रयास
न्यारा का प्रोजेक्ट प्रयाण, जल तथा पर्यावरण संरक्षण की एक अद्भुत यात्रा, जहां देश के एक लाख लोगो को एक ही वेबिनार में एकत्रित कर जल तथा पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूक किया जायेगा।
यह वेबीनार राष्ट्रीय युवा दिवस यानी की 12 जनवरी 2022 को गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने हेतु प्रयास होगा। वेबिनार में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए दो प्रतियोगिताएं कौन बनेगा हुनरबाज तथा कौन बनेगा मास्टर माइंड का भी आयोजन किया गया है जहां देश भर के युवा अपनी कला का प्रदर्शन कर एक लाख तक की नगद इनामी राशि के हकदार बन सकते है।
100 शिक्षण संस्थानों में जाएंगे दोनों युवा
दोनो युवा राइडर्स देश भर के लगभग 100 शिक्षण संस्थानों तथा 50 से अधिक शहरो के युवाओं को प्रेरित करने का लक्ष्य निर्धारित कर चुके हैं। जल तथा पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता तथा युवाओं से बात चीत के पश्चात पौधारोपण का कार्य भी उस संस्थान में किया जायेगा।
