सेब कारोबार की आड़ में चिट्टे की तस्करी, ऐसे चलता था कारोबार

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पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी शाही महात्मा ने किए कई अहम खुलासे

शिमला – नितिश पठानियां

शिमला पुलिस ने सेब के कारोबार की आड़ में चिट्टे की तस्करी का भंड़ाफोड़ किया है। कारोबारी पिछले पांच से छह सालों से ड्रग्स का एक पूरा रैकेट चला रहा था। आरोपी पूरा रैकेट व्हाट्सऐप के जरिए चलाता था, लेकिन डिलीवरी करने वाले शख्स और नशा खरीदने वाला व्यक्ति कभी एक-दूसरे से नहीं मिलते थे।

पुलिस के मुताबिक ड्रग्स की मांग व्हाट्सऐप पर होती थी। ये लोग पहले सुनिश्चित करते थे कि ड्रग्स के वितरण से पहले यह चार हाथों से गुजरे। उन्होंने मांग लाने, ड्रग्स के पैसे प्राप्त करने के लिए अलग-अलग लोगों को नियुक्त करते थे। डिलीवरी करने वाला व्यक्ति ड्रग को एक अलग स्थान पर रखता और खरीददार को वहां से उठाने के लिए एक वीडियो सांझा करता था। पैसे भी अलग-अलग खातों से होते हुए नेगी के खाते में पहुंचते थे।

शिमला पुलिस ने सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क सिस्टम तैयार किया है। पिछले 18 महीनों में 650 मामले दर्ज किए गए और 1100 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए लोगों में से 205 अंतरराज्यीय हैं। इस साल के आखिरी महीनों में 18 महिलाओं सहित 362 लोगों को लगभग 200 मामलों में गिरफ्तार किया गया।

एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी के बोल

एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि शिमला का एक सेब व्यापारी जिसका नाम शाही महात्मा उर्फ शशि नेगी है। वह पिछले पांच-छह वर्षों से एक अंतरराज्यीय चिट्टा रैकेट चला रहा था। इसके दिल्ली में नाइजीरियन ड्रग गैंग और हरियाणा के अन्य गैंग के साथ संपर्क था। उसके 35 से 40 साथी हैं।

पुलिस ने इस गिरोह के 25 साथियों को गिरफ्तार किया है। उसके बैंक खातों की जांच की जा रही है और 2.5 से 3 करोड़ के धन प्रवाह की जांच की जा रही है। एसपी संजीव गांधी ने बताया कि आरोपी पांचवें हिस्से के खाते में पैसे का लेन-देन, जिनका अपराध के कृत्य से कोई संबंध नहीं है, लेकिन वे नकद निकासी के माध्यम से पैसे निकाल लेते थे। शाही महात्मा समूह का गठन किया ताकि नाम और पद से सभी को चकमा दे सके।

एसपी ने बताया कि कई समूह और ड्रग सप्लाई सिस्टम की चौथी पार्टी डिलीवरी। कभी भी सप्लाई चेन में शामिल किसी भी भागीदार के सीधे संपर्क में नहीं आता था। उसके पास पैसा खाते में आता था, जिसमें वह ड्रग का पैसा जमा करता था। कश्मीर के लोगों के साथ भी पैसे के संबंध हैं।

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