
लंज,निजी संवाददाता:-
सडकों पर खड़े बेसहारा पशुबेसहारा पशुओं के लिए ठिकाना तलाशने के सभी सरकारी दावे धरातल पर धराशाई होते नजर आ रहे हैं सरकार सदन बनाने की बात करती है लेकिन जमीनी स्तर पर काम होता नहीं दिखाई दे रहा ।बेसहारा पशुओं के सड़क पर घूमने से वाहन चालक परेशान हैं। रात को सड़क पर बैठे पशु हादसे को न्यौता दे रहे है,और फसलों के नुकसान के रूप में इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं हारचकियाँ से कुठेड़ क्षेत्र पर बेसहारा पशुओं की बढ़ती तादाद से वाहन चलाना किसी खतरे से खाली नहीं कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, अगर समय रहते समस्या से निपटने के लिए प्रयास नहीं किए गए तो लोगों को खेती-बाड़ी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिन लोगों ने फसलों की बिजाई की है वे लोग रात को टॉर्च लेकर पहरेदारी के लिए मजबूर हो गए हैं।
_पंचायत प्रतिनिधियों को कई शक्तियां प्रदान की गई हैं अपने स्तर पर जनप्रतिनिधियों को समस्या का समाधान करना चाहिए_ – *पविन्द्र पठानिया नायब तहसीलदार, हारचकियाँ*
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_बेसहारा पशुओं की बढ़ती तादाद लोगों के लिए समस्या बन गई है पशु रोजाना फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं सरकार इस समस्या का समाधान करें_ – *साधुराम राणा,उपप्रधान, डोल पंचायत*
_सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई हैं लेकिन यह तब तक सिरे नहीं चढ़ सकती जब तक बेसहारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए योजना नहीं बनाई जाती_ – *मंजू शर्मा, शिक्षिका*
_*बेसहारा पशु परेशानी का सबब बने हैं लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा प्रशासन व सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठाना चाहिए_ – *_राकेश कुमार,हारचकियाँ_**
*_बेसहारा पशुओं की वजह से खेती-बाड़ी करना मुश्किल हो गया है महंगे बीज व खाद खेत में डालने के बाद भी मेहनत का फल नहीं मिल रहा_
– *_केवल धीमान, हारचकियाँ_*
_सड़क पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा दुर्घटनाओं का कारण बनता है कई बार पशु एकदम से गाड़ियों के आगे आ जाते हैं और हादसे होते हैं -_ *सोनम धीमान,प्रबंधक केसीसी बैंक,लपियाना*
_मौसम की मार तो कभी बेसहारा पशु फसलों को चट कर रहे हैं सरकार ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया तो खेती बंद करनी पड़ेगी-*_ *नीरज ठाकुर, दुराना*
