सुनो मुख्यमंत्री जी सुनो, आपके गृह जिला में दिव्यांग मांग रहा है इच्छा मृत्यु, दिव्यांगता नहीं वजह।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला ‘हमीरपुर’ की बड़सर विधानसभा क्षेत्र के ध्योटा राजपूतां में 80 फीसदी दिव्यांग ने ‘इच्छा मृत्यु’ मांगी है।
वजह, दिव्यांगता नहीं है, बल्कि सरकारी सिस्टम की पोल खोलने के मकसद है। 18 साल से चल-फिरने में असमर्थ राजेश कुमार इस बात से हताश हो चुके हैं कि गांव की सड़क बहाल करने में सरकारी सिस्टम मदद नहीं कर रहा।
दिव्यांगता को राजेश कुमार ने हिम्मत व हौंसले से हरा दिया था, लेकिन सिस्टम के आगे वो हार गया है। राजेश कुमार द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में कहा गया है कि 8 साल पहले स्थानीय विधायक की मदद से गांव तक सड़क पहुंचाई गई थी।
ये सड़क, पक्की नहीं हुई। इसके विपरीत एक व्यक्ति ने सड़क को बंद कर दिया है।
इस बाबत बिझड़ी विकास खंड की ननावां पंचायत प्रधान को भी बार-बार अवगत करवाया गया, लेकिन हरिजन बस्ती की इस सड़क की कोई सुध नहीं ले रहा।
दिव्यांगता के साथ-साथ सरकार की लचर प्रणाली में जीवित रहने से बेहतर है, इच्छा मृत्यु मिल जाए।
राजेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर कार्रवाई का आग्रह किया गया था। राजेश कुमार का कहना था कि उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इस मामले में दखल देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
राजेश कुमार ने कहा कि अस्पताल आने-जाने के लिए उन्हें पालकी का सहारा लेना पड़ता है। गांव में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान मरीजों को पालकी या मंजे पर ले जाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द ही सरकार गांव वालों की आवाज सुनकर समस्या का समाधान करेगी।
फिलहाल, इस मामले में पंचायत प्रधान व खंड विकास अधिकारी का पक्ष उपलब्ध नहीं है। मिलने की सूरत में प्रकाशित किया जाएगा।

