
मंडी – अजय सूर्या
हिमाचल प्रदेश के पूर्व जल शक्ति और बागवानी मंत्री सरकार के निशाने पर हैं. सुक्खू सरकार लगातार जयराम सरकार के फैसलों को पलट रही है.
अब जयराम सरकार में सबसे दमदार मंत्री रहे महेंद्र सिंह सिंह के इलाके में खुले प्रदेश के सबसे पहले शिवा प्रोजेक्ट के दफ्तर को बंद कर दिया गया है.
शिवा प्रोजेक्ट का प्रदेश का पहला कार्यालय पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे महेंद्र सिंह के हलके धर्मपुर के सिद्धपुर में चल रहा था. इस कार्यालय में उप निदेशक समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को अब शिमला ज्वाइन करने के आदेश दिए गए हैं.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खुंब केंद्र भी आता था. इस दफ्तर की अधोसरंचना विकसित करने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. बीते 27 अगस्त कार्यालय का संचालन शुरू हुआ था.
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण भवन में करीब 500 किसानों के एक साथ रहने और खाने की व्यवस्था की गई थी. प्रशिक्षण का पहला बैच अभी बैठने ही वाला था, कि इससे पहले अब दफ्तर बंद कर दिया गया है. इसके अलावा, मंडी औऱ कांगड़ा के कुछ अन्य दफ्तरों को भी बंद करने के आदेश हैं.
क्या है शिवा प्रोजेक्ट
शिवा प्रोजेक्ट को इंडो इस्राइल योजना के तहत लाया गया है. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बागवानी और फलों की विभिन्न प्रजातियों के पौधे विदेशों से लाकर तैयार किए जाते हैं.
पौधों को किसानों को वितरित करना, किसानों को प्रशिक्षण देना, लैब टेस्ट की सुविधा यहां रहती है. इस प्रोजेक्ट के तहत धर्मपुर में फलों के कई कलस्टर लगाए हैं, जहां विभिन्न फलों की पैदावार की जा रही है.
इससे पहले सरकार ने जलशक्ति विभाग में बीते छह महीने में हुए टेंडरों पर रोक लगा दी थी. साथ ही सभी अफसरों को निर्देश दिए हैं कि आगामी आदेशों तक लेटर ऑफ कंसेंट जारी न किया जाए और पेमेंट पर भी रोकी गई है.साथ ही भर्तियों को होल्ड किया गया है.
भाजपा ने उठा सवाल
धर्मपुर में जिला परिषद सदस्य जगदीश बिट्टा ने सरकार के फैसले पर तंज कसते हुए सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नई सरकार की 10 गारंटी योजनाओं में से पहली योजना गारंटी लागू! सुक्खू जी की सरकार का पहला नया तोहफा. सभी धर्मपुर व मंडी वासियों को हार्दिक बधाई. अभी तो कैबिनेट बनी ही नहीं,आगे-आगे देखो,क्या-क्या होता है.
