न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ के समक्ष सोमवार दोपहर बाद सुनवाई शुरू हुई।
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार को मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बहस शुरू हुई। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ के समक्ष सोमवार दोपहर बाद सुनवाई शुरू हुई।
पक्षकारों की ओर से बहस सुनने के बाद अब मामले को अगली बहस के लिए 23 अप्रैल को रखा गया है। 2 अप्रैल को कोर्ट ने अगली तारीख निर्धारित करते हुए स्पष्ट किया था कि आगामी तारीख से मामले पर सुनवाई रोजाना आधार पर होगी।
कोर्ट ने मामले में सभी मुख्य संसदीय सचिवों को मंत्रियों वाली सुविधाएं लेने और मंत्रियों वाले कार्य करने पर रोक लगा रखी है। अब उनके मुख्य संसदीय सचिव बने रहने से जुड़े मुद्दे पर सुनवाई हो रही है।
कोर्ट में सरकार की ओर से बताया गया कि सभी मुख्य संसदीय सचिव कानून के अनुसार ही काम कर रहे हैं। कोई भी सीपीएस मंत्रियों वाली सुविधाएं भी नहीं ले रहा है।
इन्होंने दी है चुनौती
भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती सहित 12 भाजपा विधायकों ने सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में अर्की विधानसभा क्षेत्र से सीपीएस संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है।

