
परागपुर- आशीष कुमार
पूर्व उपाध्यक्ष सुरिन्द्र सिंह मनकोटिया ने जारी प्रैस वार्ता में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार कर्ज पर कर्ज लेती जा रही है। प्रदेश कर्जे के पहाड़ के नीचे बुरी तरह दब चुका है। सरकार की न कोई सोच है न समझ। न नियत है न नीति।
मनकोटिया ने बीजेपी पर कड़ा प्रहार करते हुए पूछा कि बीजेपी के राज में न तो कोई युद्ध हुआ और न ही कोई आपात स्थिति आई तो फिर ऐेसे में देश की संपत्तियों को क्यों नीलाम किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में महंगाई चर्म सीमा पर है और बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। बेरोजगारी के कारण देश और प्रदेश की युवा शिक्षित आवादी गहरे मानसिक तनाव में है। लेकिन सरकार आम आदमी के मुद्दों से दूर भाग रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री यह बताने मे़ं असफल हैं कि उनके इस दौर में न तो कोई बड़ा विकास सामने आया है और न ही कोई बड़ी उपलब्धि दिख रही है तो फिर जनवरी 2018 से जनवरी 2022 तक 4 साल में 25 हजार करोड़ के करीब का कर्जा क्यों लिया? और अगले चुनाव आने तक और कितना लेंगे?
मनकोटिया ने पूछा कि सरकार बढ़ रहे कर्ज पर श्वेत पत्र जारी कर बताए कि लिया गया कर्ज कहां खर्च हुआ। मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंंत्री बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान सरकार के 4 साल पूरा होने के उपलक्ष में 27 दिसम्बर को मण्डी आए तो प्रदेश की जनता को क्या दे गए?
डबल इंजन की सरकार बनने से आम आदमी को लाभ नहीं बल्कि नुकसान हुआ है क्योंकि डबल ई़जन सरकार बनने से महंगाई और बेरोजगारी की मार पड़ी है। आम आदमी का जीवन यापन मुश्किल हो गया है और घर घर में बच्चे बेरोजगार बैठे हैं।
