सरकार द्वारा PWD JEs (टर्मिनेटेड) के प्रति सौतेला व्यवहार

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हिमखबर- डेस्क

1 साल 9 महीने सेवाएं देने के बाद JEs को टर्निमेट कर दिया जाता है। ये मामला एचपीडब्ल्यू का है। जिसमे की कोर्ट का हवाला देकर 25/09/2021 को 57 JEs की सेवाएं समाप्त कर दी जाती है। वो भी बिना किसी प्रायर नोटिस के।

हकीकत यह थी की कोर्ट से रिजल्ट रिवाइज को बोला था न की टर्मिनेट करने को। टर्मिनेटेड JEs कई बार पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर जो की स्वयं चीफ मिनिस्टर जय राम ठाकुर है, से भी मिले और सीएम ने इन्हे आश्वाशन दिया था की वो कुछ करेगे। लेकिन उनके बोलने के बाबजूद भी डिपार्टमेंट ने अपना पक्ष JEs के विरुद्ध रखा।

इस सिलेक्शन प्रोसेस में JEs का कोई फॉल्ट नही था क्योंकि जब एचपीएसएसबी हमीरपुर द्वारा रिजल्ट घोषित किया गया। तब भी हिमाचल हाई कोर्ट की ही डायरेक्शन पर हुआ था और अब जब रिजल्ट रिवाइज हुआ वो भी हाई कोर्ट की डायरेक्शन थी।

JEs(टर्मिनेटेड) तो कोर्ट गए ही नही थे, न ही कोई केस किया था, की JE के लिए डिप्लोमा धारकों को लिया लिया जाए। उन्होने तो हमीरपुर बोर्ड द्वारा दिए गए रिजल्ट और डिपार्टमेंट की अपॉइंटमेंट को स्वीकार किया गया और दिन रात जब भी डिपार्टमेंट को जरूरत होती सेवाएं देते रहे। अंत में उन्हें सरकार द्वारा टर्मिनेट किया जाता है।

अब तो JEs (टर्मिनेटेड) उच्च न्यालय के निर्णय पर भी कैसे भरोसा करे। पहले डायरेक्शन कुछ ओर देते है, बाद में कुछ ओर ये कैसा न्याय है। उच्च न्यायालय में 2 समान केस जाते है। जिसमे टर्मिनेट का खतरा ही होता है लेकिन एक डिपार्टमेंट फेवर में होता है दूसरा विरुद्ध होता है।

JEs (टर्मिनेटेड) जो आजकल तनाव में जिंदगी जी है वो सरकार से पूछना चाहते है की जब जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर को जॉब पर रख सकती है, तो JEs को क्यों नही ?. पंप ऑपरेटर भी कॉन्ट्रैक्ट पर थै और JEs भी, फिर ऐसा क्यों JEs( टर्मिनेटेड) के साथ सौतेला व्यवहार क्यों।

एक सरकार समान स्थति में दो फैसले कैसे कर सकती है। इससे तो सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठते है। ऐसा लगता है कि पंप ऑपरेटर मैं सरकार के अपने चहेते होगे। तब सरकार ने इनकी पक्ष में निर्णय लिया गया।

खुद मुख्य मंत्री का विभाग्य मंत्री होते हुए भी ऐसा होना तो लगता है कि विभाग के उच्च अधिकारी उनकी हां से हां मिला देते है ओर ग्राउंड पर कुछ ओर ही चला देते हैं । जब जल शक्ति विभाग पंप ऑपरेटर के फेवर में रिप्लाई सबमिट कर सकती है तो लोग निर्माण विभाग क्यों नहीं।

जल शक्ति विभाग द्वारा उच्च न्यालय मे रिप्लाई 2 सप्ताह में देते है वही लोग निर्माण विभाग रिप्लाई देने मे 2 महीने लगा देता है। टर्मिनेटेड Jes में कुछ ऐसे व्यक्ति है जो की दूसरे डिपार्टमेंट से नौकरी छोड़कर आए थै और कुछ ने तो विबाहिक जीवन भी शुरू कर दिया था, कुछ ऐसे है जो फर्थर हायर स्टडी कर रहे है।

सभी टर्मिनेटेड JEs कही न कही अपने जीवन व्यापन कर रहे थै विभाग द्वारा अप्वाइंटमेंट देने के बाद सबकुछ छोड़ के डिपार्टमेंट में सेवाएं देने में लग गए। टर्मिनेट होने के बाद किस तरह से अपना और अपने परिवार का पालन कर सकेगे। सरकार को कुछ इन टर्मिनेटेड JEs के बारे में सोचना चाहिए।

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