
शिमला, जसपाल ठाकुर
विधायकों की कार में झंडी का फैसला हिमाचल प्रदेश विधानसभा की ऐमेनिटी कमेटी में लिया गया था। इस बैठक में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विधायक मौजूद थे। अब कैबिनेट में लगी मोहर के बाद हिमाचल प्रदेश हरियाणा के बाद विधायकों को झंडी देने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। इस झंडी की विधायक पिछले छह महीनों से मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे।
अब जनाक्रोश के बाद कुछ विधायक झंडी के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं, तो कुछ विरोध की मुद्रा में है। हालांकि जनता के गुस्से के बाद अधिकतर विधायक बीच-बचाव के जुगाड़ में हैं। हालांकि माकपा विधायक राकेश सिंघा शुरुआत से ही इस वीआईपी कल्चर का विरोध कर रहे थे। अब भी वह अपने स्टैंड पर अडि़ग हैं। विधायकों की दलील है कि प्रदेश की अफसरशाही को झंडी की सुविधा दी गई है, तो फिर जनता के नुमाइंदों को इसका लाभ क्यों न मिले।
विधायकों का कहना है कि उन्होंने अपना 30 फीसदी वेतन साल भर कोविड के लिए दिया है। इसके मुकाबले अफसरशाही कहां टिकती है? बहरहाल विधायकों को इस समय 55 हजार सैलरी और एक लाख 55 हजार के अलग-अलग भत्ते मिल रहे हैं। खास है कि विधायकों के भत्तों पर इनकम टैक्स की छूट रहती है। वेतन व भत्तों सहित प्रतिमाह मिलने वाले दो लाख 10 हजार के अलावा भी विधायकों को कई वित्तीय सुख-सुविधाएं मिलती हैं। इसके तहत विधायकों को 18 रुपए प्रति किलोमीटर निजी वाहन के लिए यात्रा भत्ता मिलता है।
देश-विदेश में भ्रमण के लिए चार लाख रुपए एलटीसी के लिए दिए जाते हैं। विधानसभा की बैठकों के लिए प्रतिदिन सात हजार रुपए देने का प्रावधान है। विधानसभा में बैठक भी एक के बजाय दो दिन की रखी जाती है। इतना ही नहीं, प्रदेश के विधायकों के लिए मामूली चार फीसदी ब्याज पर 50 लाख तक के लोन का प्रावधान है। इस ऋण सुविधा के लिए न कोई समय सीमा है और न ही किस्तों के भुगतान के लिए कोई बंदिश है। बिना किसी पैनल्टी के आजीवन चार फीसदी ब्याज के साथ इस लोन को चुकाया जा सकता है। कोई भी विधायक इस ऋण का दो बार लाभ ले सकता है।
पहला 50 लाख का लोन रि-पे करने पर दोबारा इतना ही ऋण लेने का प्रावधान है। कार व होम लोन के लिए विधायक एक करोड़ का ऋण लेने के लिए अधिकृत है। हालांकि प्रदेश के इन विधायकों ने कोविड काल में अपना 30 फीसदी वेतन इस महामारी से निपटारे के लिए भी साल भर दिया है। इसके तहत हिमाचल के हर विधायक ने 43 हजार 500 रुपए प्रतिमाह कटौती के साथ साल भर पांच लाख 22 हजार रुपए कोविड फंड में दिए हैं।
सीएम-विस अध्यक्ष ने दिया पूरे माह का वेतन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रतिमाह 57 हजार कोविड के लिए दिया है। पिछले माह उन्होंने अपना पूरा वेतन कोविड फंड में डाला है। इसके अलावा प्रदेश के मंत्रियों, चीफ व्हिप व विधानसभा अध्यक्ष ने 52 हजार 500 रुपए सालभर तथा पिछले महीने पूरा वेतन कोविड में दिया है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने 51 हजार प्रतिमाह साल भर तथा पिछले माह पूरा वेतन कोविड के लिए दिया है।
