सफलता की कहानी: चौकीदार का बेटा बना लेफ्टिनेंट, क्लर्क से अफसर बना गगनेश, सेना में हासिल किया कमीशन

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हिमखबर डेस्क

खेल व युवा सेवाएं विभाग में चौकीदार के पद पर कार्यरत बलदेव सिंह का बेटा सेना में लेफ्टिनेंट बना है। मंडी के गांव कोठी गैहरी रिवालसर के गगनेश कुमार ने यह उपलब्धि हासिल की है।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आर्मी मेडिकल कोर प्रशिक्षण सेंटर में देश भर के पासिंग आउट हुए 47 जवानों में गगनेश को खेल विभाग में कार्यरत पिता चौकीदार बलदेव सिंह व गृहिणी माता इंदिरा देवी ने कंधे पर परंपरा अनुसार बैज लगाकर अभिनंदन किया।

मंडी से इस समारोह के लिए विशेष तौर पर गए उनके पिता बलदेव सिंह ने बताया कि यह समारोह आर्मी मेडिकल कोर के लखनऊ स्थित प्रशिक्षण केंद्र में संपन्न हुआ। उनके अनुसार गगनेश पहले ही सेना में लिपिक के पद पर कार्यरत था।

इसी बीच उसने सेना में कमीशन हासिल किया। उसका दूसरा बेटा भी सेना में लिपिक के पद पर कार्यरत है। गगनेश के साथ देश भर के अन्य 47 जवान भी मंगलवार को ही पास आउट हुए हैं।

गगनेश सेना में जाने से पहले जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर एक अच्छा बैडमिंटन खिलाड़ी रहा हैं। पिता बलदेव सिंह मंडी के पड्डल मैदान स्थित खेल एवं युवा सेवाएं विभाग में 28 साल तक दिहाड़ीदार के तौर पर कार्यरत रहे, जबकि तीन साल पहले ही उन्हें विभाग ने नियमित करके चौकीदार बनाया है।

अपने सीमित साधनों से दोनों बच्चों को सेना में भर्ती करवाने व एक को लेफ्टिनेंट बनाने में दिन-रात की मेहनत काम आई है। इनके लेफ्टिनेंट बनने से गांव कोठी गहरी में खुशी का माहौल है।

गगनेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय माध्यमिक पाठशाला पड्डल मंडी से तथा आर्य समाज मंडी से उत्तीर्ण की थी। भारतीय सेना में लिपिक के पद पर नियुक्त है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता-पिता व गुरुजनों की दिया।

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