हिमखबर डेस्क
मंडी में लव पार्टनर अब क्राइम पार्टनर बन गए हैं। कई पति-पत्नी के जोड़े तस्करी के आरोप में हवालात की हवा खा रहे हैं। एक शादी के तीसरे दिन जेल पंहुच गया, तो दूसरा चिट्टे के लिए दुधमुंहे बच्चे को छोडक़र चिट्टा लाने पंजाब जा पंहुचा। कहीं पत्नी पति के लिए जेल चिट्टा पंहुचा रही है, तो कहीं पति-पत्नी क्राइम पार्टनर बन नशे की सप्लाई कर रहे हैं।
मंडी जिला की पुलिस ने हालिया कार्रवाइयों में चौंकाने वाला पैटर्न उजागर किया है। पति-पत्नी न सिर्फ जीवन की राह साथ चल रहे हैं, बल्कि चिट्टा और चरस की तस्करी में भी एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। सुंदरनगर, बल्ह और रिवालसर जैसे इलाकों में छह ऐसे जोड़ों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिन्होंने नशे के इस काले कारोबार को धंधा बना लिया था।
अभिषेक गुलेरिया और उनकी पत्नी अमीषा गुलेरिया को हाल ही में पुलिस ने चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों जेल की हवा खा रहे हैं। सुंदरनगर में पुलिस ने इन दोनों को 5.637 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। ब्ला-ब्ला जैसी साझा सवारी का इस्तेमाल कर नशा लाने-ले जाने का सिलसिला चल रहा था। ठीक उसी इलाके में एक और जोड़ा अरुण भट्टी और पारुल गुलेरिया भी पुलिस के हत्थे चढ़ा।
शादी को महज तीन दिन ही हुए थे कि नई-नवेली दुल्हन पारुल और दूल्हा अरुण होटल के कमरे 21.017 ग्राम चिट्टे के साथ रंगे हाथों पकड़े गए। दिलचस्प बात यह कि पारुल की मां पर पहले से चिट्टा तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। परिवार की ‘परंपरा’ को निभाते हुए नवविवाहित जोड़ा जेल की राह चला गया। इनके अलावा हर्षित कुमार और उनकी पत्नी को भी सुंदरनगर में 28 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया।
बल्ह क्षेत्र के रहने वाले राजेंद्र और उनकी पत्नी पर चिट्टा तस्करी का आरोप है। बल्ह पुलिस ने राजेंद्र के घर से 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया। रिवालसर में जोगिंदर और उनकी पत्नी कृष्णा देवी से तो भारी मात्रा में 422 ग्राम चरस मिली। यह खेप इतनी बड़ी थी कि स्थानीय स्तर पर नशे के नेटवर्क की गहराई साफ झलकती है।
सबसे हैरान करने वाला मामला जेल में बंद सूरज का है। सूरज पहले से चिट्टा तस्करी के आरोप में जेल की सलाखों के पीछे था, लेकिन उसकी पत्नी सुनीता ने पति का ‘साथ’ निभाने का फैसला किया। जेल में चिट्टा पहुंचाने पहुंची सुनीता को पुलिस ने 1.3 ग्राम चिट्टे के साथ दबोच लिया।
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार के बोल
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान तेज है। इस साल मंडी में सैकड़ों किलो चरस, चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थ बरामद हो चुके हैं, लेकिन चिंता की बात यह है कि महिलाएं भी इस धंधे में सक्रिय रूप से शामिल हो रही हैं। परिवार को नशे का अड्डा बनाने वाले इन जोड़ों पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

