
कोटला- स्वयंम
त्रिलोकपुर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में गुरू पर्ब बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने गुरूद्वारा साहिब में उपस्थित होकर अपना शीश नवाया।
वहीं त्रिलोकपुर में आयोजित शब्द कीर्तन से पूरा क्षेत्र निहाल हुआ। सतनाम वाहेगुरु के उद्घघोष से पूरा त्रिलोकपुर क्षेत्र गुंजायमान रहा। अमृतसर से आए हुए रागी जत्थों द्वारा शब्द कीर्तन किया गया।
गुरूद्वारा प्रबंधक त्रिलोकपुर नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह गुरूद्वारा प्रथम पाताशाही श्री गुरु नानक देव जी का चरणशोह प्राप्त स्थान है। इस स्थान पर गुरू नानक देव जी कुछ समय के लिए ठहरे थे।
इस अवसर पर लंगर प्रसाद का आयोजन भी किया गया।
