
व्यूरो, रिपोर्ट
उपमंडल जवाली के अधीन कोरोनाकाल में ठेकेदारों द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करके खूब चांदी कूटी जा रही है। ऐसा ही कारनामा ग्राम पंचायत फारियां में भी देखने को मिला है। ग्राम पंचायत फारियां में श्मशानघाट निर्माण का कार्य 14वें वित्त आयोग से किया जा रहा है जिसका दो लाख रुपए का टेंडर पंचायत द्वारा ठेकेदार को अवार्ड किया गया है।
कोरोना की आड़ में ठेकेदार द्वारा पंचायत की मिलीभगत से मिट्टी युक्त खड्ड का रेता-बजरी प्रयोग में लाया जा रहा है जबकि टेंडर में क्रशर का रेता-बजरी दर्शाया गया है। मिट्टीयुक्त रेता-बजरी को निर्माणकार्य में लगाए जाने से पंचायत व ठेकेदार की कार्यप्रणाली सन्देह के घेरे में है। इस कार्य की गुणवत्ता को लेकर पंचायत प्रधान व ठेकेदार द्वारा दिया जा रहा जबाव आपस में कोई तालमेल नहीं खा रहा है।
ठेकेदार का कहना है कि वह निर्माणकार्य में दरिया का मिट्टीयुक्त रेता-बजरी प्रयोग नहीं करेंगे जबकि पंचायत प्रधान का कहना है कि ठेकेदार का 2लाख का कार्य पूरा हो चुका है तथा उक्त रेता-बजरी पंचायत द्वारा प्रयोग की जा रही है। सवाल उठता है कि क्या पंचायत मिट्टी युक्त दरिया का रेता-बजरी निर्माणकार्य में कैसे प्रयोग कर सकती है। लाखों रुपए सरकारी खजाने से बर्बाद हो रहे हैं जबकि इसकी गुणवत्ता को जांचने वाला कोई नहीं है।
ग्राम पंचायत उपप्रधान रमन कुमार सहित बुद्धिजीवियों ने कहा कि उक्त कार्य में ठेकेदार द्वारा नाममात्र ही क्रशर का रेता-बजरी मंगवाया गया था जबकि उसकी आड़ में दरिया का घटिया रेता-बजरी प्रयोग किया गया है जिससे सरकारी खजाने को लूटने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी भी मौका पर दरिया का घटिया रेता-बजरी पड़ा हुआ है जोकि साक्षात प्रमाण है। उपप्रधान रमन कुमार सहित बुद्धिजीवियों ने जिलाधीश कांगड़ा से मांग की है कि इस कार्य की जांच करवाई जाए तथा ठेकेदार व पंचायत प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इस बारे में ठेकेदार रमेश जसवाल से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मैंने दो लाख का टेंडर लिया था, उसमें क्रशर का रेता-बजरी प्रयोग किया गया है। उक्त दरिया का रेता-बजरी पंचायत प्रधान द्वारा मंगवाया गया है, इसमें मेरा कोई लेनादेना नहीं है।
इस बारे में पंचायत प्रधान जीवन कुमार ने कहा कि मैंने अपने पैसों से दो ट्राली रेता-बजरी डंगों की रिपेयर हेतु मंगवाई हैं। उन्होंने कहा कि इसमें ठेकेदार का कोई रोल नहीं है।
इस बारे में जिलाधीश कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि अगर शिकायत मिली तो इसकी जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी पाया गया उससे रिकवरी की जाएगी।
