
शिमला, जसपाल ठाकुर
अब हिमाचल में जमा दो की फाइनल परीक्षाएं होती हैं, तो ऐसे में मेजर विषयों के ही एग्जाम होंगे। माइनर विषयों में केवल छात्रों को असेस्मेंट दी जाएगी। ये शब्द शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण समाज का लगभग हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इससे शिक्षा का क्षेत्र भी अछूता नहीं है।
इस महामारी से बचने के लिए भारत सरकार के साथ-साथ हिमाचल ने यह पूरा प्रयास किया है कि बच्चों की पढ़ाई को कोई नुकसान न हो। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि पढ़ाई सुचारू रूप से चले और छात्र परीक्षाओं में ठीक प्रकार से भाग ले सकें, इसको लेकर विभाग की उच्च प्लानिंग हो चुकी है। कोविड के चलते हर घर पाठशाला के तहत बच्चों की पढ़ाई का काम शुरू किया। इस साल भी कोविड के दूसरे चरण में परीक्षाओं को स्थगित किया गया।
इससे पहले दसवीं और जमा एक की परीक्षाओं में बच्चों को प्रोमोट किया गया। जमा दो की परीक्षा कैसे होगी इस पर विचार चल रहा है। मंत्री ने कहा कि जब केंद्र सरकार के साथ बैठक हुई, तो राज्य की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। वहीं बताया गया कि हिमाचल जमा दो की बोर्ड परीक्षा को लेकर दोनों विकल्प के लिए तैयार है। यह भी बताया गया कि हिमाचल के बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने परीक्षाएं भी शुरू कर दी थी।
13 अप्रैल को एक परीक्षा भी हो गई थी। इसमें एक लाख दस हजार बच्चों ने भाग लिया। इसके बाद परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा। सरकार का दावा है कि मौजूदा समय में भी अब प्रदेश की तैयारियां पूरी है। प्रश्रपत्र छपे हैं और एग्जामिनेशन सेंटर तक पहुंच भी चुके हैं। इसके साथ ही इस बार जमा दो की परीक्षाएं तीन की बजाय केवल एक घंटे के लिए ही होगी।
सीबीएसई के फार्मूले पर काम
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मेजर सब्जेक्ट की ही परीक्षा जमा दो के छात्रों की होगी। वहीं माइनर यानी जनरल विषयों में मात्र असेस्मेंट ही दी जाएगी। बता दें कि हिमाचल जमा दो की परीक्षा पर सीबीएसई के फार्मूले पर कार्य करेगा। मौजूदा समय में हिमाचल में सीबीएसई के तहत प्लस-टू में डेढ़ लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, उन छात्रों को भी इंतजार है कि परीक्षाओं को लेकर आखिर सरकार कब अंतिम फैसला लेगी।
तीन घंटे की परीक्षा करवाएगा स्कूल शिक्षा बोर्ड
हालात में सुधार होने पर होंगे प्लस-टू के फाइनल एग्जाम, परीक्षा केंद्र में पहले ही पहुंचे हैं प्रश्नपत्र
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पूर्व से ही निर्धारित प्रश्नपत्रों संग तीन घंटे की परीक्षा करवाने की तैयारी में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय व शिक्षा विभाग की हुई बैठक के तहत हालात में सुधार होने पर जमा दो की फाइनल परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी। इसी कड़ी में सीबीएसई सहित अन्य बोर्ड ने प्रश्रपत्र में तबदीली करने के साथ समय में बदलाब करने की भी रणनीति बनाई है, जबकि प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पहले से ही तैयार प्रश्रपत्र व सामग्री परीक्षा केंद्रों में पहुंचा दी है।
इसके आधार पर ही प्रदेश भर में जमा दो की परीक्षाओं का संचालन किया जाएगा, जिसमें 30 फीसदी सिलेब्स में छूट प्रदान की गई है, जबकि प्रश्रपत्र को आसान तरीके से तैयार किया गया है। वहीं सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं में बदलाब की संभावना चल रही है, जिसे लेकर केंद्रीय मंत्रालय, विभाग व बोर्ड भी विचार कर रहे हैं।
कोरोना महमारी की दूसरी प्रचंड लहर ने शिक्षा प्रणाली का पूरी तरह से ढांचा हिला दिया है। हिमाचल प्रदेश में ही दसवीं बोर्ड की महत्त्वपूर्ण कक्षा के छात्रों को भी प्रोमोट कर दिया गया है। हालांकि देश भर सहित प्रदेश में भी जमा दो की परीक्षा को अति महत्त्वपूर्ण मानते हुए इसे करवाने की योजना बनाई गई है। इसमें कोरोना की स्थिति कंट्रोल होने के बाद 15 जून के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि जमा दो की परीक्षाओं को करवाने से पहले हालातों की समीक्षा की जाएगी, उसके बाद ही डेटशीट बनाकर व उचित व्यवस्था के तहत परीक्षाएं करवाने की योजना है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपनी ओर से परीक्षाओं का संचालन करवाने की पूरी तैयारी कर ली है, जिसमें पहले से निर्धारित डेटशीट के तहत परीक्षा केंद्रों में एग्जाम के प्रश्र प्रपत्र, उत्तरपुस्तिकाएं व अन्य सामग्री पहुंचा दी गई है। वहीं परीक्षा केंद्रों को भी बढ़ाया गया है।
अब शिक्षा बोर्ड कोरोना की स्थिति को देखते हुए व प्रदेश सरकार व शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के तहत परीक्षाओं का आयोजन करेगा। इसमें पहले से ही निर्धारित प्रश्र प्रपत्र पैटर्न ही जारी रहेगा, जिसमें प्रश्र प्रपत्र में 30 फीसदी कटौती के साथ आसान प्रश्र प्रपत्र सेट किया गया है, जबकि परीक्षा सामान्य तौर पर तीन घंटे की ही आयोजित की जाएगी।
