चम्बा – भूषण गुरुंग
आज शहीद आशीष थापा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घटासनी में शहीद आशीष थापा की पुण्यतिथि के उपलक्ष में एक छोटा सा कार्यक्रम स्कूल के प्रांगण में रखा गया। जिसमें शहीद के परिवार के लोग स्कूल एसएमसी, समाज सेवक कैप्टन भीम सिंह गुरुंग, भारतीय विकास परिषद बकलोह के सदस्यो और घटासनी के ज्वाला महिला मंडल के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सुबह शहीद के परिवार को द्वारा शहीद आशीष थापा के फोटो के आगे दीप प्रज्वलित करके फूल माला अर्पित करके उनको श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद सभी स्कूल स्टाफ और (SMC) सदस्यो और स्थानीय लोगों और घटासनी के ज्वाला महिला मंडल के सदस्यो और भारत विकास परिषद बकलोह शाखा के सदस्यों के द्वारा शहीद आशीष थापा के फोटो के आगे पुष्प चढ़ाकर शहीद आशीष थापा को श्रद्धांजलि दी गई और सभी लोगों द्वारा 2 मिनट का मौन रखा गया।
उसके बाद स्कूल के बच्चों के द्वारा शहिद आशीष थापा को श्रद्धांजलि दी गई। आशीष थापा के शहीदी दिवस के अवसर पर देशभक्ति के गीत के साथ आशीष थापा अमर रहे के नारों के साथ पूरा घटासनी ही गमगीन हो उठा। उसके बाद घटासनी की वरिष्ठ नागरिक एवं समाज सेवक कैप्टन भीम सिंह गुरुंग ने आशीष थापा के जीवनी के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा आशीष थापा एक बहुत ही होनहार लड़कों में से एक था। वह बचपन से ही सेवा में जाना चाहता था।
उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई घटासनी स्कूल में ही कि वह देश के एक ऐसे जांबाज सिपाहीयो मैं से एक थे। जिन्होंने अपने देश के लिए दुश्मनों से लोहा लेते हुए कारगिल के (मेड सेक्टर) में आज ही के दिन दुश्मनों से लोहा लेते हुए आमने सामने की लड़ाई में सीने में गोली खाते हुए देश के लिए कुर्बानी दे दी। इसीलिए आज ही के दिन इनके जन्म स्थल घटासनी मे उनकी याद में शहीदी दिवस के रूप मे मनाया जाता है।
इस मौके मे कार्यक्रम में भाग लेने वालों बच्चों को भी सम्मानित किया गया।यह कार्यक्रम मे भारतीय विकास परिषद बकलोह शाखा के सदस्य द्वारा घटासनी की एक गरीब बच्चे सिमरन को आगे का पढ़ाई को सुचारू रखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के घोषणा भीं कि गई।
अंत में सभी आए हुए मेहमानों के लिए जलपान का आयोजन किया गया। गौर है कि हर वर्ष 7 सितंबर को घटासनी स्कूल प्रांगण में स्कूल के द्वारा ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है । इसी के नाम से ही सरकार के द्वारा इस स्कूल का नाम शहीद आशीष थापा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घटासनी रखा गया।

